जेओए आईटी पेपर लीक मामले मे दोषियों पर की जाए कड़ी कार्यवाही: एनएसयूआई
HNN/ शिमला
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने जेओए आईटी पेपर लीक मामले को गंभीर बताते हुए कर्मचारी चयन आयोग की कार्य प्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े किए है। एनएसयूआई के राज्य महासचिव यासीन बट्ट ने कहा कि आज प्रदेश के सैकडो़ युवा दिन रात मेहनत कर रोजगार प्राप्त करने के लिए अलग-अलग संस्थानों, विश्वविद्यालयों व पुस्तकालयों मे पढ़ रहे है।
पिछले पाँच सालों मे कई पेपर लीक हो चुके है चाहे वह पुलिस का हो, जेओए आईटी का हो, पटवारी का हो, विश्वविद्यालय मे नियुक्तियों की बात हो, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन लगातार तत्कालीन मुख्यमंत्री को अवगत कराता रहा। राज्यपाल के समक्ष भी पूर्व सरकार के कार्यकाल मे हो रही धांधलियों को रखा गया लेकिन तत्कालीन प्रदेश भाजपा सरकार ने कोई कार्यवाही नही की।
वही इस बात की खुशी जताई की मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने दोषियों को पेपर लीक मामले को अंजाम देने से पहले ही पकड़ लिया। यह प्रदेश के लाखों युवाओ के लिए सुखद घटना बताते हुए मौजूदा सरकार का धन्यवाद किया। वही उन्होंने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल है कि सीक्रेसी ब्रांच मे सीसीटीवी कैमरे खराब है और पूर्व सरकार ने कोई ध्यान बीते पांच सालों मे नही दिया।
इसके पूर्व प्रदेश सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। यह कैसे संभव है कि भाजपा सरकार के समय हुई भर्तियो मे एक ही महिला अफसर का बेटा 3-4 बार पूरे प्रदेश मे परीक्षाओं मे टॉप कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि जैसे त्वरित कार्यवाही अभी तक हुई है उसी प्रकार से भाजपा सरकार मे हुई और भर्तियों को भी देखा जाए जिन-जिन पर आरोप लगे है और जो अधिकारी कर्मचारी दोषी पाए जाते है उन्हें सजा मिले ताकि प्रदेश के लाखों युवाओ का भरोसा इन संस्थाओ पर कायम रहे।