ट्रिपल आईटी ऊना में अर्नोल्ड सु का प्रेरणादायक सेशन, छात्रों को तकनीक और बिजनेस रणनीतियों की दी सीख
Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल
एसस इंडिया के वाइस-प्रेसिडेंट ने करियर ग्रोथ, इनोवेशन और टीम वर्क पर साझा किए अपने अनुभव
ट्रिपल आईटी ऊना में आयोजित हुआ इंटरैक्टिव सेशन
ट्रिपल आईटी ऊना में एसस इंडिया के वाइस-प्रेसिडेंट, कंज्यूमर – गेमिंग पीसी, अर्नोल्ड सु द्वारा एक प्रेरणादायक इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया। उन्होंने तकनीकी और बिजनेस रणनीतियों पर छात्रों के साथ संवाद किया और अपनी सफलता की यात्रा साझा की।
अर्नोल्ड सु की विशेषज्ञता और छात्रों को मिला मार्गदर्शन
ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. मनीष गौड ने बताया कि अर्नोल्ड सु के पास व्यापार रणनीति और तकनीक का व्यापक अनुभव है, जिससे उन्होंने एसस को एक अग्रणी ब्रांड के रूप में स्थापित करने में मदद की। उनका अनुभव और विचार छात्रों के करियर विकास के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुए।
तकनीकी क्षेत्र में करियर के अवसरों पर चर्चा
इस सेशन में अर्नोल्ड सु ने तकनीकी क्षेत्र में करियर के अवसरों और व्यापार में उत्कृष्टता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि एसस इंडिया ने अपने पीसी और आरओजी मार्केट शेयर को 4% से बढ़ाकर 15.3% तक कैसे पहुंचाया।
आरओजी गेमिंग क्रांति और इनोवेशन
अर्नोल्ड सु ने आरओजी गेमिंग लैपटॉप के विकास पर चर्चा की और बताया कि एसस ने गेमर-केंद्रित डिजाइनों और बेहतरीन परफॉर्मेंस के जरिए बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। उन्होंने यह भी बताया कि इनोवेशन और ग्राहक अनुभव को प्राथमिकता देना किसी भी ब्रांड की सफलता की कुंजी होती है।
करियर में सफलता के मूल सिद्धांत
अर्नोल्ड सु ने अपनी नेतृत्व शैली “नो मैजिक, ओनली बेसिक्स” के बारे में बताया और समझाया कि मजबूत बुनियादी सिद्धांतों के साथ दीर्घकालिक सफलता पाई जा सकती है। उन्होंने टीम वर्क, अनुकूलनशीलता और ग्रोथ माइंडसेट के महत्व पर जोर दिया।
छात्रों को मिली सीख और प्रेरणा
अर्नोल्ड सु ने छात्रों को हमेशा नए बदलावों को अपनाने, जिज्ञासु बने रहने और अपने कौशल को लगातार विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में लगातार सीखना और खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी है।
ट्रिपल आईटी ऊना के निदेशक का आभार
ट्रिपल आईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने अर्नोल्ड सु को छात्रों के साथ अपने बहुमूल्य अनुभव साझा करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के उद्योग विशेषज्ञों के संवाद छात्रों के पेशेवर विकास में बेहद सहायक होते हैं।