डूरंड रेखा पर जंग जैसे हालात, अफगानिस्तान–पाकिस्तान सीमा पर भीषण गोलाबारी
एयर स्ट्राइक, तोपों और भारी हथियारों का इस्तेमाल — सीमा सील, हजारों लोग पलायन को मजबूर
काबुल/इस्लामाबाद
डूरंड रेखा पर पिछले 48 घंटों से जारी तनाव अब खुले सैन्य टकराव में बदलता दिख रहा है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार और पाकिस्तान की सेना के बीच सीमा क्षेत्रों में भारी गोलाबारी, तोपों और हवाई हमलों की खबरें सामने आ रही हैं।
दोनों देशों ने एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगाया है, जिससे हालात युद्ध के मुहाने पर पहुंचते नजर आ रहे हैं।
तनाव की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के खोस्त और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए गए। इसके बाद अफगान रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर तालिबान लड़ाकों ने सीमा पर पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
अफगान पक्ष का दावा है कि उनके बलों ने जवाबी कार्रवाई में सीमा पार स्थित कुछ पाकिस्तानी चौकियों को नुकसान पहुंचाया है।
वहीं पाकिस्तान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए लड़ाकू विमानों के जरिए काबुल के बाहरी इलाकों और कंधार के समीप कथित सैन्य ठिकानों पर बमबारी की है।
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई केवल उन ठिकानों के खिलाफ की जा रही है जहां से पाकिस्तान विरोधी गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
संघर्ष में दोनों ओर से नुकसान की खबरें हैं। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार दर्जनों सैनिक हताहत हुए हैं, जबकि सीमावर्ती गांवों में नागरिकों की भी मौत की सूचना है।
हालांकि आधिकारिक आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सैन्य संसाधनों को नुकसान पहुंचाने के दावे किए हैं।
जमीनी स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। तोरखम और चमन जैसे प्रमुख सीमा पार मार्गों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे व्यापार और आवाजाही ठप हो गई है। हजारों ट्रक और यात्री सीमा पर फंसे बताए जा रहे हैं।
पाकिस्तान ने अपनी पश्चिमी सीमा पर उच्च सतर्कता घोषित करते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल और बख्तरबंद वाहन तैनात किए हैं। उधर अफगान सीमावर्ती प्रांतों में हजारों परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
तनाव की जड़ में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का मुद्दा बताया जा रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान उसकी जमीन पर सक्रिय उग्रवादियों को पनाह दे रहा है, जबकि अफगान पक्ष इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे पाकिस्तान की आंतरिक समस्याओं का परिणाम बता रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हालात पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल युद्धविराम की अपील की है, जबकि चीन और ईरान जैसे क्षेत्रीय देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने का आग्रह किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द तनाव कम नहीं हुआ तो यह टकराव पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं और सीमा पर हालात बेहद नाजुक बने हुए