तकनीक से बदल रही खेती, ऊना जिले के 39 हजार से अधिक किसान डिजिटल रजिस्ट्री से जुड़े
एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से ऊना जिले में किसानों की डिजिटल रजिस्ट्री तैयार करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 39 हजार से अधिक किसानों को इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
एग्रीस्टैक पोर्टल से तैयार हो रहा डिजिटल किसान डाटाबेस
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से किसानों की डिजिटल रजिस्ट्री तैयार की जा रही है, जिसके तहत भूमि, फसल और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
जिले में 39 हजार से अधिक किसान जुड़े
कृषि विभाग ऊना के उपनिदेशक प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में अब तक 39,373 किसानों को किसान डिजिटल रजिस्ट्री से जोड़ा जा चुका है। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक किसान को एक यूनिक फार्मर आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे उनका पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा।
योजनाओं के लाभ में आएगी पारदर्शिता
उन्होंने बताया कि डिजिटल किसान रजिस्ट्री बनने से विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक अधिक पारदर्शी और सरल तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। साथ ही किसानों को अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।
डिजिटल क्रॉप सर्वे भी जारी
जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण का कार्य भी जारी है। अब तक 71,444 सर्वे किए जा चुके हैं, जिनमें से 27,498 सर्वे स्वीकृत हो चुके हैं। मोबाइल ऐप और जीपीएस तकनीक के माध्यम से फसलों की मैपिंग की जा रही है।
लोक मित्र केंद्रों से भी करवा सकते हैं पंजीकरण
जिन किसानों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, वे अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, भूमि का खसरा नंबर और आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक होगा।
उपायुक्त ने किसानों से की अपील
उपायुक्त जतिन लाल ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल किसान रजिस्ट्री बनने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और सरल तरीके से मिलेगा।