देश की सर्वोच्च अदालत ने प्रदेश के बागी विधायकों को नहीं दी राहत
प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर रोक लगाने से किया इंकार
HNN/ शिमला
प्रदेश के 6 बागी विधायकों की आज सोमवार को देश के सर्वोच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान फैसला प्रदेश विधानसभा के फेवर में आया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इन 6 बागी विधायकों की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे के द्वारा की गई।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया गया था। सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा आज दिए गए फैसले के बाद अब अगली तारीख 6 मई रखी गई है। तब तक इन विधायकों को सदन की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति से भी इंकार कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सुक्खू सरकार ने भी राहत की साँस ली है। वहीं प्रदेश इलेक्शन कमीशन के द्वारा इन सभी 6 सीटों पर उप चुनाव की घोषणा भी की गई है। ऐसे में इन सभी बागी विधायकों का राजनैतिक भविष्य भी अब दाव पर लग गया है। बता दें कि मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की बेंच में आज दोपहर बाद हुई थी।