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दो दिवसीय धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल-2023 का भव्य आगाज

Ankita | 8 अप्रैल 2023 at 1:12 pm

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आर.एस बाली ने किया शुभारंभ, बोले- समाज को एकात्मता के सूत्र में पिरोते हैं साहित्य और कला

HNN/ धर्मशाला

साहित्य, कला और लेखन समाज को एकात्मता के सूत्र में पिरोए रखते हैं। इससे जहां एक तरफ अपने विचारों को व्यक्ति प्रभावी ढंग से प्रकट करने में समर्थ होता है वहीं सभ्यता और संस्कृति भी समृद्ध होती है। धर्मशाला डिग्री कॉलेज के ऑडिटोरियम में धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे संस्करण के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष तथा नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के विधायक रघुबीर सिंह बाली ने यह शब्द कहे।

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इस अवसर पर पूर्व मंत्री विप्लव ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। आर.एस बाली ने जिला प्रशासन द्वारा धर्मशाला में लिटरेचर फेस्टिवल शुरु करने की पहल की सराहना करते हुए इसके आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने इसकी सार्थकता को देखते हुए धर्मशाला लिटरेचल फेस्टिवल के लिए पर्यटन विकास निगम की ओर से पांच लाख रुपए देने की घोषणा की।

आर.एस बाली ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में बनी सरकार प्रदेश में पर्यटन, कला और साहित्यिक वातावरण को विकसित करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लिटरेचर फेस्टिवल के लिए धर्मशाला से उपयुक्त स्थान कोई अन्य नहीं हो सकता क्योंकि यह स्थान भी खूबसूरत है और यहां विचार भी खूबसूरत ही निकलेंगे।

उन्होंने कहा कि ऐसे लिटरेचर फेस्टिवल के माध्यम से विभिन्न क्षेत्र और विचारों से आए लोग अपनी बात रखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से जो विचारों का आदान-प्रदान होता है, उससे एक जागरुक समाज का निर्माण होता है।

ऐसे आयोजनों के साथ सरकारी शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाए
आर.एस बाली ने जिला प्रशासन को क्षेत्र के सरकारी शिक्षण संस्थानों को लिटरेचर फेस्टिवल के साथ जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र के बच्चों को भी इसके माध्यम से निखरने का मौका मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थी साहित्य, कला और लेखनी में भी आगे बढ़ें, इसके लिए उन्हें ऐसे आयोजनों के साथ जोड़ना चाहिए।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदम
लिटरेचर फेस्टिवल के उद्घाटन सत्र में ‘वंडरलैंड कॉलिंग’ नाम से एक चर्चा का आयोजन किया गया। इस चर्चा में पर्यटन और होटल उद्योग से जुड़ी गतिविधियां और पर्यावरण अनुरूप उनके संचालन को लेकर पैनलिस्ट ने अपने विचार रखे।

इस दौरान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस बाली ने चर्चा का समापन करते हुए कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किए बिना पर्यटन को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि टूरिजम इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए सरकार ने पहली बार बजट में पर्यटन के लिए पांच सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त प्रदेश में एडीबी के सहयोग से पर्यटन के लिए 1311 करोड़ रुपए की परियोजनाएं शुरु की जा रही हैं। बाली ने कहा कि पर्यटन के लिए कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने अपने पहले ही बजट में कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए दो हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में भी तेज गति से काम को बढ़ाया जाएगा।

कांगड़ा पेंटिंग में आजमाए हाथ
लिटरेचर फेस्टिवल में जिला प्रशासन द्वारा लाईव कांगड़ा पेंटिंग का आयोजन भी किया गया। इस दौरान आर.एस बाली और पूर्व मंत्री विप्लव ठाकुर सहित अन्य अतिथियों ने कांगड़ा पेंटिंग में आने हाथ आजमाए।

मोटर बाईक रैली को किया रवाना
इससे पूर्व वेटेरन आर्मी जवानों द्वारा धर्मशाला से बीड़ तक निकाली गई मोटर बाईक रैली को मुख्यातिथि ने रवाना किया। लोगों को साहित्य, कला, देश भक्ति और पर्यावरण के प्रति जागरुक करने की दृष्टि से इस बाईक रैली का आयोजन किया गया।

लिटरेचर फेस्टिवल से स्थानीय कला और साहित्य शैली को मिली पहचान: उपायुक्त
धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे संस्करण की शुरुआत करते हुए उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने आए हुए अतिथियों का स्वागत कर धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा न केवल प्राकृतिक रूप से बल्कि कला और साहित्यिक रूप से भी परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि धौलाधार के आंचल में लम्बे समय से पल रही कला और साहित्य की एक सुंदर परम्परा को पटल में लाने की दृष्टि से यह लिटरेचर फेस्टिवल शुरु किया गया।

उन्होंने कहा कि कला और साहित्यिक वातावारण को बढ़ाने के प्रयासों को सबका सहयोग कमल रहा है, जिसके कारण धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे संस्करण की आज शुरुआत हो रही है।

उन्होंने कहा कि इस लिटरेचर फेस्टिवल से जहा स्थनीय कला और साहित्य शैली को एक नई पहचान मिली, वहीं साहित्य और कला के विभिन्न रंगों से धर्मशाला की खूबसूरती और अधिक बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि 7-8 अप्रैल को दो दिन तक चलने वाले धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे संस्करण में साहित्य-कला क्षेत्र के दिग्गज लोग जुड़ेंगे।

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