धौलाकुआं मंडी पर बिंदल के आरोपों को सोलंकी ने बताया ‘भ्रम की राजनीति’, बोले- किसान हितों से नहीं होगा समझौता
कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन पर स्थायी मंडी संभव नहीं, एपीएमसी ने नजदीक वैकल्पिक जमीन का प्रस्ताव भेजा; फसल आने से पहले खरीद केंद्र की व्यवस्था का दावा
हिमाचल नाऊ न्यूज़ | नाहन
धौलाकुआं अनाज खरीद केंद्र को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के आरोपों पर नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं हो रहा है और अनाज खरीद केंद्र बंद करने का सवाल ही नहीं है।
उन्होंने बिंदल के आरोपों को बेवजह भ्रम फैलाने वाली राजनीति करार देते हुए कहा कि किसानों की फसल खरीदने के लिए उचित स्थान पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।अजय सोलंकी ने कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन है।
कृषि विज्ञान केंद्र के अपने नियम और मानक हैं। यदि इस जमीन को अनाज खरीद मंडी के लिए स्थायी रूप से दे दिया जाता है तो कृषि विज्ञान केंद्र के संचालन पर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से मामले पर गंभीरता से विचार करने के बाद एपीएमसी के माध्यम से आसपास कृषि विभाग की जमीन तलाश की गई है।
विधायक ने बताया कि वैकल्पिक जमीन को लेकर एपीएमसी की ओर से प्रस्ताव प्रक्रिया में है। जल्द ही उपयुक्त स्थान का चयन कर वहां अनाज खरीद केंद्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और फसल मंडी में आने तक खरीद की व्यवस्था पूरी कर ली जाएगी।
सोलंकी ने कहा कि डॉ. राजीव बिंदल यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार ने किसानों के लिए अनाज खरीद केंद्र बंद कर दिया है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में भाजपा सरकार के समय भी कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन कुछ समय के लिए अनाज खरीद केंद्र के लिए ली गई थी।
उस समय भी जल्द ही दूसरी जगह तलाश कर खरीद केंद्र स्थापित करने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद मौजूदा स्थान पर पोर्टेबल ढांचा खड़ा कर किसानों की उपज खरीदी जाती रही।उन्होंने कहा कि डॉ. बिंदल यह भी नहीं बता रहे हैं कि प्रदेश सरकार धौलाकुआं में कृषि महाविद्यालय स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
ऐसे में कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन को स्थायी अनाज मंडी के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं होगा। सरकार किसानों के हित और कृषि क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास, दोनों को ध्यान में रखकर फैसला ले रही है।अजय सोलंकी ने डॉ. बिंदल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनका काम लोगों को गुमराह करना रह गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर राजनीति करने के बजाय भाजपा नेताओं को केंद्र सरकार से किसानों के लिए बेहतर योजनाएं और सुविधाएं दिलाने के प्रयास करने चाहिए। प्रदेश सरकार किसानों के हित में जो कार्य कर रही है, उसमें सहयोग करना चाहिए।सोलंकी ने साफ किया कि धौलाकुआं में किसानों के लिए अनाज खरीद केंद्र की व्यवस्था खत्म नहीं की जा रही है।
उचित स्थान का चयन कर फसल खरीद शुरू होने से पहले सभी जरूरी प्रबंध पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी और किसान हितों से कोई समझौता नहीं होगा।