नवरात्र में उमड़ा आस्था का सैलाब, काली स्थान और त्रिलोकपुर में हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
तीसरे दिन 5000 से अधिक भक्तों ने नवाया शीश, त्रिलोकपुर में दो दिन में 15 हजार पहुंची संख्या । चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन नाहन शहर के ऐतिहासिक रियासतकालीन काली स्थान मंदिर में श्रद्धा का अपार सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरा वातावरण जयकारों से गूंज उठा। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष योगेश गुप्ता उर्फ सुक्खू भाई ने जानकारी देते हुए बताया कि दूसरे और तीसरे नवरात्र पर 5000 से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाया।
नाहन
नवरात्र में मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष योगेश गुप्ता उर्फ सुक्खू भाई ने जानकारी देते हुए बताया कि दूसरे और तीसरे नवरात्र पर 5000 से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाया। उन्होंने बताया कि मंदिर के ऐतिहासिक स्वरूप को बनाए रखते हुए गर्भगृह को चांदी से मंडित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भी प्रगाढ़ हुई है।
मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। शुद्ध जल, जलपान और प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था के साथ-साथ साफ-सफाई और सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हरियाणा से आए श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां भक्तों के लिए बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं।

मंदिर में प्रतिदिन मां की आरती और हवन का आयोजन किया जा रहा है। वहीं 31 मार्च को चौदस के अवसर पर मुख्य भंडारे का आयोजन रखा गया है, जिसमें अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से भाग लेने की अपील की गई है। इसके अलावा मंदिर में कन्या पूजन के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उधर, हिमाचल के प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार मां बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में भी श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। बीते दो नवरात्रों में यहां 15 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जिससे क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है।

मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने श्रद्धालुओं के लिए संदेश देते हुए कहा कि मां का दरबार सभी के लिए खुला है। सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे श्रद्धा और अनुशासन के साथ मंदिर आएं, भक्ति भाव बनाए रखें और चौदस के दिन आयोजित मुख्य भंडारे में बढ़-चढ़कर भाग लेकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करें।

मंदिर प्रबंधन समिति में राकेश अग्रवाल, अमर सिंह ठाकुर, सुखचैन सिंह ठाकुर, दीपक अग्रवाल, दुर्गा प्रसाद और ठाकुर हेमेंद्र सिंह सहित अन्य सदस्य व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।