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नाहन में अतिक्रमणकारियों पर चला प्रशासन और नगर परिषद का संयुक्त चाबुक

Shailesh Saini • 5 Hours Ago • 1 Min Read

गोबिंदगढ़ से शुरू हुआ अभियान, चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर से हटेगा अतिक्रमण; कंडम वाहन और सामान भी होंगे जब्त

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

अतिक्रमण के शिकंजे में जकड़े नाहन शहर को अब अवैध कब्जों से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शहर की सड़कों, गलियों और सरकारी जमीन पर कब्जा जमाकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ वीरवार को प्रशासन और नगर परिषद ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी।

कार्रवाई की शुरुआत दिल्ली गेट से मोहल्ला गोबिंदगढ़ तक की गई, जहां सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को जेसीबी की मदद से हटाया गया। कार्रवाई शुरू होते ही पूरे शहर में अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप मच गया।

संयुक्त कार्रवाई में एसडीएम नाहन राजीव संख्यान, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार, पुलिस, राजस्व विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने सड़क किनारे सरकारी भूमि पर किए गए कब्जों को हटाने के साथ-साथ लंबे समय से पड़े कबाड़ और कंडम वाहनों पर भी कार्रवाई की।

नगर परिषद परिसर के नीचे गोबिंदगढ़ क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े पुराने स्कूटर, कंडम फ्रिज और अन्य सामान को जेसीबी की सहायता से हटाकर कब्जे में लिया गया।कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने हल्का विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन की इस कार्रवाई को शहर की यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और सार्वजनिक सुविधा की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।छह माह पहले दिए थे नोटिस, अब कार्रवाई की बारीनगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि अवैध कब्जाधारियों को करीब छह माह पहले नोटिस जारी किए गए थे।

निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल गोबिंदगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चरणबद्ध तरीके से नाहन शहर के उन सभी हिस्सों में कार्रवाई की जाएगी, जहां सरकारी जमीन, सड़क या सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण किया गया है।

सड़क किनारे लंबे समय से खड़े कंडम वाहनों और सार्वजनिक स्थानों पर रखे अवैध सामान को भी कब्जे में लिया जाएगा।उन्होंने बताया कि कार्रवाई लोक परिसर बेदखली अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जा रही है। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई को महज अतिक्रमण हटाने की कवायद नहीं, बल्कि सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की विधिसम्मत कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

एक हादसे ने खोल दी थी अतिक्रमण की पोल

मोहल्ला गोबिंदगढ़ में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के चलते हाल ही में हुई जानलेवा दुर्घटना ने शहर में अवैध कब्जों की समस्या को फिर से केंद्र में ला दिया था। इसके बाद प्रशासन और शासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे थे। ऐसे में गोबिंदगढ़ से शुरू हुई यह कार्रवाई प्रशासन की गंभीरता का संकेत मानी जा रही है।

नाहन शहर में कई स्थानों पर सड़क और गलियों की जमीन पर फड़ियां, रेहड़ियां और अन्य अस्थायी ढांचे खड़े कर दिए गए हैं। वहीं कई जगह सड़क किनारे कंडम वाहन महीनों और वर्षों से पड़े हुए हैं। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता संकरा हो गया है।

संकरी गलियां बनीं आपात स्थिति में बड़ा खतरा

शहर में अतिक्रमण का सबसे गंभीर पहलू यह है कि कई गलियां और संपर्क मार्ग इतने संकरे हो चुके हैं कि आपात स्थिति में दमकल और अन्य राहत वाहन मौके तक पहुंचने में भी परेशानी का सामना कर सकते हैं। ऐसे में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को केवल सौंदर्यीकरण से जोड़कर नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह सीधे तौर पर शहर की यातायात व्यवस्था और जनसुरक्षा से जुड़ा मामला है।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में अभियान कितनी सख्ती और निरंतरता के साथ शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंचता है। यदि अभियान बिना भेदभाव के जारी रहा तो लंबे समय से सार्वजनिक रास्तों और सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए बैठे अतिक्रमणकारियों पर निश्चित तौर पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

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