पंजाब में हिमाचल की बसों पर हमले के बाद तनाव, हिमाचल सरकार ने मांगी सुरक्षा की गारंटी
उपमुख्यमंत्री ने जताई चिंता , कहा- माहौल बिगड़ने से पहले हल निकाला जाए, चार संदिग्ध हिरासत में
तीन हमलों से बढ़ी चिंता, अब तक 600 बसों पर असर
पंजाब में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों पर हो रहे हमलों ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। अब तक अमृतसर, होशियारपुर और खरड़ में तोड़फोड़ की तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अमृतसर में चार बसों पर खालिस्तान समर्थित नारे लिखे गए और उनके शीशे तोड़े गए। इससे पहले होशियारपुर और खरड़ में भी ऐसी घटनाएं हुईं। एचआरटीसी की करीब 600 बसें रोजाना पंजाब के लिए चलती हैं, जिन पर अब खतरा मंडरा रहा है।
हिमाचल सरकार ने सुरक्षा की लिखित गारंटी की मांग की
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वह सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलकर इस विषय पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह मामला गंभीर हो सकता है और कानून-व्यवस्था पर असर डाल सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में खड़ी रहने वाली बसों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की है।
संदिग्ध हिरासत में, पुलिस कर रही पूछताछ
अमृतसर बस अड्डे पर तोड़फोड़ और नारेबाजी के मामले में रामबाग थाने की पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। ये नकाबपोश युवक सीसीटीवी फुटेज में दिखे थे। माना जा रहा है कि ये मुख्य आरोपियों के करीबी हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और एसीपी मनिंदर सिंह ने कहा है कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी।
बसों की आवाजाही पर असर, रूट में बदलाव
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए धर्मशाला से लुधियाना जाने वाली बस को रविवार को नहीं भेजा गया। नगरोटा बगवां डिपो से अमृतसर जाने वाली दो बसों को केवल पठानकोट तक ही चलाया गया। एचआरटीसी प्रबंधन ने चालकों और परिचालकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल-पंजाब के रिश्तों को नुकसान न पहुंचे: जत्थेदार कुलदीप सिंह
श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने भी इस विवाद पर चिंता जताई। उन्होंने हिमाचल प्रदेश से आए छात्रों से बातचीत में कहा कि पंजाब गुरुओं की धरती है और यहां सभी का स्वागत है। उन्होंने अपील की कि दोनों राज्यों के बीच सद्भावना बनी रहनी चाहिए और हर विवाद को आपसी संवाद से सुलझाना चाहिए। हिमाचल में गुरु घर बनाने के प्रस्ताव पर उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की।