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परीक्षाओं के मद्देनज़र डीजे-लाउडस्पीकर पर नकेल, डीसी जतिन लाल ने नियमों के पालन पर दिया जोर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 21 फ़रवरी 2026 at 4:00 am

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वार्षिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ऊना प्रशासन ने ध्वनि नियमों के सख्त पालन के निर्देश जारी किए हैं। उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की चेतावनी दी गई है।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

ध्वनि नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी

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ऊना जिले में बच्चों की वार्षिक परीक्षाओं के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने ध्वनि नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विद्यार्थियों को शांत एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर निर्धारित नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश जारी किए हैं।

उपायुक्त ने कहा कि परीक्षा अवधि को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार के लाउडस्पीकर, डीजे एवं अन्य ध्वनि विस्तारक उपकरणों का उपयोग तय समय-सीमा और निर्धारित डेसिबल मानकों के अनुरूप ही किया जाए।

रात 10 बजे के बाद प्रतिबंध

उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग बिना पूर्व अनुमति प्रतिबंधित है। आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय अधिकतम 55 डेसिबल तथा रात्रि में 45 डेसिबल तक ही ध्वनि की अनुमति है। वाणिज्यिक क्षेत्रों में यह सीमा क्रमशः 65 और 55 डेसिबल निर्धारित है, जबकि अस्पताल, शिक्षण संस्थान एवं न्यायालय के 100 मीटर के दायरे को साइलेंस ज़ोन घोषित किया गया है, जहां दिन में 50 तथा रात्रि में 40 डेसिबल की सीमा लागू होती है।

शादी-ब्याह और धार्मिक आयोजनों में भी लागू नियम

उपायुक्त ने विशेष रूप से कहा कि शादी-ब्याह, धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन, जुलूस, जागरण, समारोह तथा धार्मिक स्थलों पर उपयोग किए जाने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्र भी निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा के अंतर्गत ही संचालित किए जाएं। परीक्षा अवधि के दौरान अनावश्यक तेज ध्वनि विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी आयोजकों एवं संस्थानों से सहयोग अपेक्षित है।

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

उन्होंने जिला पुलिस को निर्देश दिए हैं कि ध्वनि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को भी नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त ने सभी धार्मिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक संस्थानों तथा आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ध्वनि नियमों के प्रभावी अनुपालन में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि परीक्षा अवधि के दौरान जिले में शांत, अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें, ताकि विद्यार्थी अपनी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

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