बंगाणा के डूमखर स्थित राधा कृष्ण गौ सदन में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन
डूमखर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। धार्मिक प्रसंगों और भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
सात दिवसीय कथा से भक्ति का वातावरण
उप-मंडल बंगाणा के डूमखर स्थित राधा कृष्ण गौ सदन में इन दिनों आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा ने पूरे क्षेत्र को भक्ति रस में सराबोर कर दिया है। सात दिवसीय इस आध्यात्मिक आयोजन में प्रतिदिन अत्यधिक संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं और धर्म, संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के प्रति अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तथा भक्ति संगीत, पुष्प सज्जा और धार्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
गणमान्यों की उपस्थिति
इस पावन अवसर पर राज्य भाजयुमो के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं राष्ट्रीय ह्यूमन राइट युवा विंग के प्रदेश चेयरमैन अजय ठाकुर ने विशेष रूप से उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया। उनके साथ देहरा भाजयुमो के अध्यक्ष रमन तथा उपाध्यक्ष मनोज भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी अतिथियों का गौ सदन प्रबंधन समिति की ओर से पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।
आचार्य शिव कुमार शास्त्री का प्रवचन
उत्तरी भारत के प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य शिव कुमार शास्त्री द्वारा कथा का वाचन किया जा रहा है। आचार्य शिव कुमार शास्त्री जी ने अपने मधुर वाणी और गूढ़ शास्त्रीय ज्ञान के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के विविध प्रसंगों से अवगत कराया। उन्होंने नरसिंह अवतार की कथा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। हिरण्यकशिपु के अत्याचारों से भक्त प्रह्लाद की रक्षा हेतु भगवान ने नरसिंह रूप धारण कर यह संदेश दिया कि सच्ची भक्ति और आस्था के आगे कोई भी शक्ति टिक नहीं सकती।
इसके अतिरिक्त आचार्य शिव कुमार शास्त्री जी ने माता अदिति द्वारा पुत्रों की उत्पत्ति, ब्रह्मा जी द्वारा विश्व की रचना तथा सृष्टि के प्रारंभिक चरणों का सरल भाषा में वर्णन किया। कथा के दौरान राजा मनु की सुपुत्री के विवाह प्रसंग का भी उल्लेख करते हुए पारिवारिक मूल्यों, मर्यादा और धर्म पालन के महत्व पर प्रकाश डाला।
भंडारे और व्यवस्थाएं
कथा स्थल पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे बड़ी श्रद्धा से कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा उपरांत प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। सेवा भाव से जुड़े स्वयंसेवकों ने भोजन वितरण में सहयोग दिया और व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं।
धर्म और गौ सेवा पर जोर
इस अवसर पर अजय ठाकुर ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करते हैं। उन्होंने गौ सेवा को भारतीय संस्कृति की मूल पहचान बताते हुए राधा कृष्ण गौ सदन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। देहरा भाजयुमो अध्यक्ष रमन और उपाध्यक्ष मनोज ने भी युवाओं से धार्मिक आयोजनों से जुड़ने की अपील की।
गौ सदन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर पूर्व प्रधान एवं संचालक राधा कृष्ण गौ सदन चंद कुमार, अनीता शर्मा, दिलवाग सिंह राणा, ज्योति वर्जाता, बाल किशन डोगरा सहित सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने कथा का रसपान किया।