सिरमौर सहित हरियाणा से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं मां के चरणों में आशीर्वाद लेने
HNN/ सिरमौर
जिला सिरमौर के नाहन विधानसभा क्षेत्र की कोलावाड़ाभूड़ पंचायत के त्रिभुवनी (त्रिभोणी) मंदिर में मार्गशीर्ष माह (नवंबर दिसंबर) के चारों रविवार को मेले का आयोजन किया जाता है। इन चारों रविवार को जिला सिरमौर सहित हरियाणा के मोरनी क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। त्रिभोणी मंदिर को पशुओं की रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। यहां पर मार्गशीर्ष और आषाढ़ मास के चारों रविवार को मेले का आयोजन भी होता है।
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त्रिभोणी मंदिर नाहन से 35 किलोमीटर, सराहां से 25 किलोमीटर, कोलावालाभूड़ से 3 किलोमीटर और हरियाणा के मोरनी से 20 किलोमीटर है। जिला सिरमौर सहित हरियाणा के मोरनी क्षेत्र के लोग भी त्रिभोणी मंदिर में पशुओं की सलामती तथा दुधारू पशुओ की रक्षा के लिए माता का आशीर्वाद लेने आते हैं।
सिरमौर के ग्रामीण अनु ठाकुर, वंदना ठाकुर, रुकमणी देवी, सुधीर ठाकुर ने बताया कि जब भी दुधारू पशु जब नए बछड़े या बछड़े को जन्म देते हैं, तो वह पहले सप्ताह के दूध का घी और मक्खन माता को भेंट स्वरूप चढ़ाते हैं। साथ ही पूरे वर्ष के लिए जंगली जानवरों, बीमारियों तथा जहरीले कीट पतंगो से अपने पालतू पशुओं की रक्षा की कामना करते हैं।
जिला के नाहन, पच्छाद, श्रीरेणुकाजी, पांवटा साहिब उपमंडल के पशुपालक अपने दुधारू पशुओ का घी और मक्खन यहां पर चढ़ते हैं तथा मंदिर के पुजारी आशीर्वाद स्वरुप सभी श्रद्धालुओं को रक्षा के चावल प्रदान करते हैं। साथ ही अगले वर्ष फिर वह दुधारू पशु का घी तथा मक्खन लेकर आए, यह आशीर्वाद भी माता की ओर से देते हैं।
हाल ही में 16 नवंबर को संक्रांति के बाद यह पहला रविवार था तथा सैकड़ो श्रद्धालुओं ने त्रिभोणी मंदिर पहुंचकर माता का आशीर्वाद लिया। मंदिर कमेटी और पुजारियों की ओर से मंदिर पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाता है।
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