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पूर्व ड्रग कंट्रोलर कपिल धीमान और उसके परिवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार, जानिए क्या है मामला

हिमाचलनाउ डेस्क | 12 दिसंबर 2024 at 9:27 am

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जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद मल्होत्रा की अदालत ने पूर्व ड्रग कंट्रोलर कपिल धीमान, उसके पिता लक्ष्मण और भतीजे पुनीत को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को सजा सुनाते हुए जुर्माना भी लगाया है।

दोषियों को सजा और जुर्माना

  • कपिल धीमान (पूर्व ड्रग कंट्रोलर) को तीन साल का कठोर कारावास और 5 लाख रुपये जुर्माना दिया गया।
  • जुर्माना अदा न करने पर, कपिल को दो साल का अतिरिक्त साधारण कारावास और 2 लाख रुपये जुर्माना देना होगा।
  • लक्ष्मण (कपिल का पिता) और पुनीत (कपिल का भतीजा) को दो-दो साल का कठोर कारावास और 2-2 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।

अर्जित संपत्ति सरकार को सौंपने का आदेश

65 लाख रुपये की अवैध संपत्ति
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि दोषी द्वारा अर्जित की गई 65 लाख रुपये की संपत्ति हिमाचल प्रदेश सरकार को सौंप दी जाए। इस संपत्ति में शामिल हैं:

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  • कपिल धीमान का पंचकूला स्थित अमरावती एन्क्लेव में 35 लाख रुपये का फ्लैट
  • लक्ष्मण की मंडी में 15.26 लाख रुपये की संपत्ति
  • पुनीत की 14.66 लाख रुपये की एफडी और बैंक बैलेंस

जांच और मामले की पैरवी

शिकायत और जांच की शुरुआत
इस मामले में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो शिमला को शिकायत मिली थी कि कपिल धीमान ने अपनी सरकारी पदों का गलत फायदा उठाकर संपत्ति अर्जित की। शिकायत के आधार पर, 1 जनवरी 2001 से 14 दिसंबर 2012 तक आरोपी के खिलाफ जांच की गई

जांच में सामने आए तथ्य
जांच में यह पाया गया कि कपिल धीमान ने सोलन, बद्दी, पंचकूला और मंडी जैसे स्थानों पर संपत्तियां अर्जित की थीं। इसके अलावा, उसने वाहन, मोटर साइकिल, कार, सोने के आभूषण, सिक्के, बिस्कुट, चांदी के आभूषण और कलाकृतियां भी इकट्ठी की थीं।


फार्मास्यूटिकल व्यवसाय और संपत्ति का निवेश

पुनीत और कपिल की साझेदारी
कपिल धीमान ने अपने भतीजे पुनीत को बद्दी क्षेत्र में फार्मास्यूटिकल व्यवसाय में शामिल किया था, जिससे उसने काफी लाभ अर्जित किया। इसके अलावा, कपिल ने अपने पिता के नाम पर पंचकूला और मंडी में भी संपत्ति खरीदी।


निष्कर्ष

यह मामला सरकारी अधिकारियों द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उदाहरण पेश करता है। अदालत ने दोषियों को सजा और जुर्माना तो लगाया ही, साथ ही उनकी अवैध संपत्ति सरकार को सौंपने का आदेश भी दिया है। यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ एक सख्त संदेश भेजती है।

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