पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल विश्वनाथ शर्मा का निधन, हिमाचल ने खोया अपना वीर सपूत
हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला/कांगड़ा:
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से संबंध रखने वाले भारत के पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल विश्वनाथ शर्मा के निधन से पूरे देश, विशेषकर हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। 96 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनके निधन को राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
सैन्य, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया है।जनरल विश्वनाथ शर्मा भारतीय सेना के 14वें थल सेनाध्यक्ष रहे। अपने लंबे सैन्य जीवन में उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट परिचय दिया।
उनके कार्यकाल में भारतीय सेना ने कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का मजबूती से सामना किया। सीमाओं की सुरक्षा और सेना के आधुनिकीकरण में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।जनरल विश्वनाथ शर्मा एक ऐसे वीर परिवार से संबंध रखते थे, जिसने राष्ट्रसेवा और बलिदान की गौरवशाली परंपरा कायम की।
उनके बड़े भाई मेजर सोमनाथ शर्मा स्वतंत्र भारत के प्रथम परमवीर चक्र विजेता थे, जिन्होंने 1947 के भारत-पाक युद्ध में अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। इस वीर परिवार का नाम भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
जनरल विश्वनाथ शर्मा का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक रहा। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा गया कि देश ने एक दूरदर्शी सैन्य नेतृत्व और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को खो दिया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक-संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। देश उनके योगदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद रखेगा।