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पौंग झील में विदेशी मेहमानों की दस्तक, परिंदों की सुरक्षा करेंगी 15 टीमें….

SAPNA THAKUR • 7 Nov 2022 • 1 Min Read

HNN/ काँगड़ा

सरहदों की बंदिशों से अनजान विदेशी परिंदे प्रदेश की झीलों और जलाशयों के मुहानों पर पहुंचकर चहचहाने शुरू हो गए है। सूबे की पौंग झील में हजारों विदेशी परिंदे पहुंच चुके हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है। पौंग झील में विदेशी मेहमानों की दस्तक से पर्यटकों सहित स्थानीय लोगों के चेहरे भी खिल गए हैं। बता दें, साइबेरिया और ट्रांस हिमालयी क्षेत्रों चीन, मध्य एशियाई, तिब्बत के साथ-साथ दूसरे कई देशों में जब अत्यधिक ठंड के कारण झीलों व तालाबों का पानी जम जाता है, तो कई विदेशी मेहमान परिंदे हजारों किलोमीटर की यात्रा कर हिमाचल प्रदेश पहुंचते हैं।

फरवरी-मार्च में जब यहां गर्मी शुरू होती है, तो ये पक्षी दोबारा अपने क्षेत्रों को लौट जाते हैं। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा स्थित पौंग झील की बात करें तो यहाँ हर साल हजारों-लाखों की संख्या में विदेशी परिंदे पहुंचते हैं। इस साल भी विदेशी परिंदों के झील में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। अभी तक पौंग झील में कई प्रजातियों के 15 हजार प्रवासी पक्षी पहुँच चुके हैं। यहाँ बार-हेडेड गीज, कामन कूट, नार्दर्न पिंटेल, कामन टिल, कामन पोचार्ड, लिटल कर्मोनेंट, रूडी शेल डकआ, गड वाल, स्पाट बिल्ड डक, रशियन विजन, वार्न स्वेल्लो, ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट, पर्पल मूर सहित कई दूसरी प्रजातियों के प्रवासी पक्षी पौंग झील में पहुँचते हैं।

उधर, विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए वन्य प्राणी विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। प्रवासी पक्षियों का अवैध रूप से शिकार नहीं होने दिया जा रहा है तथा ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। इन परिंदों की सुरक्षा के लिए 15 वन्य प्राणी विभाग की टीमों का गठन किया गया है।