रोबोटिक सर्जरी की मिलेगी सुविधा, आपातकालीन मेडिसन विभाग भी बनेगा
HNN/ शिमला
राज्य के सभी मेडिकल महाविद्यालयों को वर्ल्ड क्लास मेडिकल टेक्नोलाॅजी से लैस किया जाएगा। इसके तहत मेडिकल कालेज टांडा, शिमला, हमीरपुर, चंबा, नेरचैक में रोबोटिक सर्जरी का कार्य आरंभ किया जाएगा तथा सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में कैजुअलटी विभाग को अपग्रेड करके आपातकालीन मेडिसन विभाग बनाया जाएगा।
शीला चैक में डीपोलो होटल के सभागार में दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेस ऑफ़ पेड्रिएटिक रूमेटोलाॅजी का शुभारंभ करते हुए कहा कि हिमाचल में पेड्रिएटिक रूमेटोलाॅजी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में भी पेड्रिएटिक रूमेटोलाॅजी बहुत कम विशेषज्ञ उपलब्ध हैं लेकिन टांडा मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग में पेड्रिएटिक क्लीनिकल इम्यूलाॅजी एंड रूमेटोलाॅजी का एक अलग शाखा के रूप में कार्य कर रही है इसे और भी सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय शिमला में ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी मेडिसन विभाग को कार्यशील करने तथा रोगियों की सुविधा के दृष्टिगत नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ के अतिरिक्त 136 पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्व तरीके से चिकित्सकोें के पदों को भी भरा जा रहा है ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश में सर्वोत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों के घर-द्वार उपलब्ध करवाने के लिए दृढ़ता से कार्य कर रही है। इसी के दृष्टिगत डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय कांगड़ा स्थित टांडा में हृदय शल्य चिकित्सा केन्द्र स्थापित किया गया है इसके तहत टांडा मेडिकल कॉलेज के सीटीवीएस विभाग में ओपन हार्ट सर्जरी शुरू की गई।
उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में हृदय शल्य चिकित्सा केन्द्र स्थापित होने से विशेष तौर पर प्रदेश के निचले क्षेत्र के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित मिलेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खण्ड स्तर पर लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में आगे बढ़ रही है और इन स्वास्थ्य संस्थानों में छः विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।

