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प्रदेश सरकार किसानों और पशुपालकों के आर्थिक उत्थान के लिए कर रही विशेष प्रयास – प्रो. चंद्र कुमार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 7 May 2025 • 1 Min Read

नाहन

राजगढ़ में आयोजित किसान मेले में कृषि मंत्री ने दी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने आज राजगढ़ में आयोजित एक दिवसीय किसान मेले में किसानों और बागवानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, बागवानों और पशुपालकों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

प्राकृतिक खेती के समर्थन मूल्य
प्रो. चंद्र कुमार ने बताया कि प्राकृतिक खेती के तहत उत्पादित गेहूं के लिए 60 रुपये, मक्की के लिए 40 रुपये और हल्दी के लिए 90 रुपये प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य तय किया गया है। इसके अतिरिक्त, गाय के दूध के लिए 51 रुपये और भैंस के दूध के लिए 61 रुपये प्रति लीटर का समर्थन मूल्य तय किया गया है।

नकदी फसलों और बागवानी को बढ़ावा
पच्छाद क्षेत्र को नकदी फसलों जैसे टमाटर, अदरक, शिमला मिर्च, मटर और लहसुन की खेती के लिए पहचाना जाता है। कृषि मंत्री ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों के उत्पादन को भी प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने वर्षा जल संग्रहण तालाब बनाने और उसका सदुपयोग करने की भी अपील की।

सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहायता
प्रो. चंद्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के तहत 79 किसानों को 3 करोड़ 16 लाख रुपये की सहायता दी गई है। वहीं, कृषि मशीनीकरण योजना के तहत 119 किसानों को 1 करोड़ 90 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है।

कृषि विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जागरूक करें और उन्हें प्रशिक्षित करें। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को नई तकनीकों का ज्ञान मिलेगा और वे अपनी आय को बढ़ा सकेंगे।

सम्मानित किए गए प्रगतिशील किसान
किसान मेले के दौरान प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, कांग्रेस नेत्री दयाल प्यारी, परियोजना निदेशक आत्मा सिरमौर डॉ. साहब सिंह, उप-निदेशक कृषि विभाग डॉ. राजकुमार और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।