प्रदेश सरकार पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री
Himachalnow / शिमला
ड्रग माफिया के खिलाफ बनेगा एंटी ड्रग एक्ट, साइबर अपराध पर होगी कड़ी कार्रवाई
शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग के आधुनिकीकरण और सुधार के लिए कई अहम घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि पंजीकृत पुलिस चौकियों को एफआईआर दर्ज करने का अधिकार दिया जाएगा और इन्हें अपराध और अपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली (CCTNS) से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1226 पुलिस जवानों और 30 सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने ड्रग माफिया पर लगाम कसने के लिए प्रदेश में एंटी ड्रग एक्ट बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर सुरक्षा और सेवाएं प्रदान करने के लिए पुलिस सुधार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
पुलिस सुधार और आपदा प्रबंधन पर जोर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए गृह रक्षक के 700 पद भरे जा रहे हैं और मारकण्ड (बिलासपुर) में गृह रक्षक बटालियन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए 19.40 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी की जाएगी। उन्होंने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को सुदृढ़ बनाने और राहत कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन किराए पर लेने के निर्देश दिए।
साइबर अपराध पर कड़ा रुख:
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में साइबर अपराध के 11,892 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें 114.94 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है। इनमें से 11.59 करोड़ रुपये सफलतापूर्वक ब्लॉक किए गए हैं। उन्होंने साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, पुलिस महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून प्रवर्तन और आपातकालीन सेवाओं को और सशक्त बनाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।