प्रदेश सरकार बीबीएमबी से 14 साल से लंबित ऊर्जा बकाया वसूली को लेकर सक्रिय, सर्वोच्च न्यायालय में मजबूती से रखेगी पक्ष
प्रदेश सरकार ने बीबीएमबी परियोजनाओं से 14 वर्षों से लंबित ऊर्जा बकाया की वसूली के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में मजबूती से अपना पक्ष रखने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं की टीम तैयार कर चुकी है। यह मामला 29 जुलाई को सुनवाई के लिए निर्धारित है।
शिमला
जेएसडब्ल्यू ऊर्जा केस में जीत के बाद अब बीबीएमबी पर नजर
जेएसडब्ल्यू ऊर्जा मामले में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद प्रदेश सरकार बीबीएमबी की परियोजनाओं से नवंबर 1966 से अक्टूबर 2011 तक के लंबित 13,066 मिलियन यूनिट बिजली के बकाया की वसूली को लेकर गंभीर है। सुप्रीम कोर्ट के 2011 के आदेश के बावजूद यह बकाया अब तक पंजाब और हरियाणा से 60:40 के अनुपात में नहीं मिल पाया है।
तकनीकी कारणों से अटका मामला, अब कड़ा रुख
सर्वोच्च न्यायालय और केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की पिछली कार्यवाही में भुगतान की विधि पर स्पष्ट प्रस्तुति न होने से यह मामला बार-बार टलता रहा। प्रदेश सरकार ने इस बार साफ किया है कि अपने हक की लड़ाई में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और अदालत में मजबूत तर्क रखकर जल्द समाधान निकाला जाएगा।
प्रदेश का हक वापस दिलाने की प्रतिबद्धता
राज्य सरकार का कहना है कि यह लड़ाई प्रदेशवासियों के हक की है और इसे हासिल करने के लिए हर स्तर पर सख्त प्रयास किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि बीबीएमबी से लंबित बकाया जल्द वसूला जाए, जिससे हिमाचल को न्याय मिल सके।