प्रदेश सरकार 10 हजार मेधावियों को टेबलेट-लैपटॉप की जगह नकद राशि देने की कर रही तैयारी
HNN/शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार अब शैक्षणिक सत्र 2022-23 की मेरिट सूची में शामिल मेधावियों को टेबलेट-लैपटॉप की जगह नकद राशि देने की तैयारी कर रही है। शिक्षा विभाग द्वारा इस बाबत प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के शिमला लौटने पर इसको लेकर फैसला होगा। तो वहीं वर्ष 2021-22 के विद्यार्थियों के लिए इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन के माध्यम से टेबलेट की खरीद की जा रही है।
बता दें कि धूमल सरकार ने वर्ष 2012 में 10वीं के चार हजार मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना शुरू की थी। जिसके बाद दिसंबर 2012 में प्रदेश में सरकार बदलने के बाद भी यह योजना जारी रही। जिसके बाद वीरभद्र सरकार ने योजना के दायरे को बढ़ाते हुए इसमें 12वीं कक्षा के मेधावियों को शामिल किया और मेधावियों की संख्या बढ़ाकर दस हजार कर दी।
तो वहीं जयराम सरकार ने 10वीं-12वीं कक्षा के 800 मेधावियों की संख्या को कम करके इनकी जगह कॉलेजों के विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया और लैपटॉप योजना को बंद कर मेधावियों को टेबलेट दिए थे। तो वहीं अब सुक्खू सरकार विचार कर रही है कि मेधावियों काे क्या दिया जाए। जिस पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तीन तरह के विकल्पों की सिफारिश करते हुए प्रस्ताव तैयार किया है।
विभाग का पहला विकल्प लैपटॉप का है, दूसरा टेबलेट और तीसरा विकल्प डिवाइस की जगह नकद राशि देने का है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नकद राशि देने के विकल्प को लेकर उच्च अधिकारियों ने सहमति जताई है। अब शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की मंजूरी लेने के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा। जिसके बाद मुख्यमंत्री से मंजूरी मिली तो शैक्षणिक सत्र 2022-23 के मेधावियों के बैंक खाते में दस से पंद्रह हजार रुपए की राशि डाली जाएगी।
