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प्रधानमंत्री पद की गरिमा का ख्याल रखें रजनी पाटिल, अमर्यादित टिप्पणी अस्वीकार्य : राकेश जम्वाल

Shailesh Saini • 3 Hours Ago • 1 Min Read

बोले- आलोचना करनी है तो तथ्यों के आधार पर करें, पहले कांग्रेस अपनी गारंटियों का हिसाब दे

हिमाचल नाऊ न्यूज शिमला।

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने सोलन में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई ‘भैंस का दूसरा अवतार’ वाली टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया है। जम्वाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की अमर्यादित भाषा राजनीतिक बहस के स्तर को गिराती है और प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाती है।

जम्वाल ने कहा कि नरेंद्र मोदी केवल भाजपा के नेता नहीं, बल्कि देश के प्रधानमंत्री हैं। राजनीतिक विरोध और सरकार की नीतियों की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन इसके लिए तथ्यों और मुद्दों का सहारा लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के पास मोदी सरकार की उपलब्धियों का तथ्यात्मक जवाब नहीं है, इसलिए वे व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए सुर्खियां बटोरने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यदि केंद्र सरकार की योजनाओं और नीतियों पर सवाल उठाने हैं तो वह नल से जल, गरीबों के पक्के घर, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जनधन खाते, स्वच्छ भारत मिशन और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के आंकड़ों के आधार पर बहस करे।

व्यक्तिगत टिप्पणियों से इन योजनाओं और उनके प्रभाव पर बहस समाप्त नहीं हो जाती।मोदी पर टिप्पणी से पहले कांग्रेस अपनी गारंटियों का हिसाब देराकेश जम्वाल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने जनता से कई गारंटियां देने का वादा किया था।

इनमें महिलाओं को 1500 रुपये देने, रोजगार और युवाओं से किए गए अन्य वादे शामिल थे। उन्होंने सवाल उठाया कि इन गारंटियों का क्या हुआ और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार जनता को कब स्पष्ट जवाब देगी।जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी को प्रधानमंत्री पर टिप्पणी करने से पहले अपनी ही सरकार के कामकाज और चुनावी गारंटियों का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब जनता कांग्रेस से उसके वादों पर सवाल करती है तो मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियां की जाती हैं।भाजपा नेता ने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने रजनी पाटिल से प्रधानमंत्री पद की गरिमा का ख्याल रखने और भविष्य में आलोचना को तथ्यों एवं नीतिगत मुद्दों तक सीमित रखने की अपील की।