Loading...

बजट सत्र में अपनी निजी ऑल्टो कार में आकर सीएम ने दिया खर्चो में कटौती का संदेश

Ankita • 14 Mar 2023 • 1 Min Read

बंद किए गए संस्थानों को लेकर भी कुछ मिले है यह वाले बड़े संकेत

HNN/ शिमला

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पहले बजट सत्र में सीएम ने अपनी निजी ऑल्टो कार से यात्रा कर अपने जनप्रतिनिधियों को खर्चे के लिए सीमित दायरे में रहने की बड़ी नसीहत दी है। सीएम के ऑल्टो कार से उतरते ही देखने वाले भी भौचक्के रह गए कि प्रदेश के सीएम ऑल्टो कार से उतर रहे है। बता दें कि आज से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। सरकार के समक्ष जहां विपक्ष लगातार हमलावर हो रहा है। तो वहीं धन आभाव सरकार के समक्ष एक बड़ी चुनौती भी है।

सरकार के समक्ष सीमित संसाधनों के बावजूद भी उन तमाम वायदों को पूरा करना भी बड़ी चुनौती है जो चुनाव से पहले गारंटियों के रूप में वायदे किए गए थे। सूत्रों की माने तो अभी तक जन हित कार्यो के लिए भी विधायकों को दी जाने वाली विधायक प्राथमिकता की क़िस्त भी जारी नहीं हुई है। जिसको लेकर विधायक भी अपने क्षेत्र के जन कार्यक्रमों में बड़े ही नपे तुले शब्दों में विकास और मांगो को लेकर जवाब दे रहे है।

यही वजह है कि अपने-अपने क्षेत्र की जनता की जवाबदेही को लेकर विधायकों और मंत्रियों के भी अधिकतर समय स्विचऑफ आते है। मगर जनता के बीच विधायक और मंत्री बराबर समय निकल भी रहे है। हालाँकि विपक्ष सुक्खू सरकार को लाकबंदी वाली सरकार करार देते हुए केवल एक ही प्रमुख मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहा है जिससे यह भी साबित होता है कि विपक्ष के पास फ़िलहाल ऐसे कोई खास मुद्दे नहीं है।

जिनकी तरफ जनता का ध्यान दिलाया जा सके। जिन संस्थानों के बंद किए जाने का राग विपक्ष अलाप रहा है जनता इसकी बाबत अच्छी तरह से परिचित भी है। जनता अच्छी तरह से जानती है की सरकार की मंशा सही है मगर वित्तीय स्थिति कमजोर है। सूत्रों की माने तो जानकारी यह भी मिली है कि जो संस्थान प्रमुख कारणों की वजह से बंद किए गए है उनमें से अधिकतर सरकार अपनी वित्तीय स्थिति पटरी पर आने के बाद सुचारु कर सकती है।

जानकरी यह भी मिली है कि बंद किए गए संस्थानों में स्टाफ की पूर्ति और पदों की नियुक्तियां आदि कैसे हो सकती है। इसको लेकर भी मुख्यमंत्री ब्यूरो क्रेसी के साथ चर्चा कर चुके है। बरहाल आज बजट सत्र का पहला दिन है और प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भारी भरकम लाव-लश्कर की जगह पहले दिन अपनी निजी ऑल्टो कार का उपयोग कर विपक्ष और अपने ही जनप्रतिनिधिओं को स्पष्ट संकेत देकर अपनी मंशा की पुष्टि भी की है और वहीं खर्चो में कटौती को लेकर सीएम के नजदीकी और खास माने-जाने वाले नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने भी अपना पीएसओ न लेकर पहले ही सीएम का बोझ हल्का किया है। जो कि औरों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।