शिमला
जयराम ठाकुर ने बस किराए में बढ़ोतरी को बताया जनविरोधी फैसला, सरकार से की पुनर्विचार की मांग
प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम बस किराए को 5 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये करने के फैसले से आम जनता, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम प्रदेश की जनता की जेब पर सीधा हमला है।
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गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बनी सबसे बड़ी चिंता
हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में बसें आमजन के लिए आवागमन का मुख्य साधन हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने एक झटके में न्यूनतम किराया दोगुना कर दिया, जिससे उन हजारों लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा जो रोज़मर्रा की यात्रा के लिए बसों पर निर्भर हैं।
विकास और रोजगार के रास्ते हो रहे बंद
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार एक ओर प्रदेश में विकास कार्यों को ठप कर चुकी है और दूसरी ओर युवाओं से रोजगार के अवसर भी छीने जा रहे हैं। अब इस किराया वृद्धि ने आम आदमी की आर्थिक स्थिति को और भी कमजोर कर दिया है।
जन विरोधी फैसले पर पुनर्विचार की मांग
जयराम ठाकुर ने सरकार से अपील की है कि वह इस जनविरोधी फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से असंवेदनशील है और इससे जनता में गहरा असंतोष पैदा हो रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को बताया असंवेदनशील
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सुख की सरकार’ कहे जाने वाली सरकार अब लोगों के लिए ‘कष्ट’ का कारण बन रही है। जनता उम्मीद कर रही थी कि सरकार राहत देगी, लेकिन उसने उल्टा महंगाई का बोझ और बढ़ा दिया है।
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