बायोचार संयंत्र / हिमाचल में देश का पहला स्टेट-सपोर्टेड बायोचार कार्यक्रम शुरू, नेरी में संयंत्र लगेगा
शिमला
एमओए पर हुआ त्रिपक्षीय हस्ताक्षर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में आज डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, हिमाचल प्रदेश वन विभाग तथा प्रोक्लाइम सर्विसेज प्रा. लि., चेन्नई के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओए के तहत हिमाचल प्रदेश में देश का पहला स्टेट-सपोर्टेड बायोचार कार्यक्रम शुरू होगा।
नेरी में बनेगा बायोचार संयंत्र
इस समझौते के अनुसार हमीरपुर जिले के नेरी में आधुनिक तकनीक से सुसज्जित बायोचार संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और जंगलों की आग पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण और आजीविका का संगम
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। बायोचार कार्यक्रम से जंगलों की आग पर काबू पाने के साथ-साथ ग्रामीण समुदाय के लिए नए आजीविका अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह जन-जागरूकता बढ़ाने और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भी अहम योगदान देगा।
कार्यक्रम में मौजूद रहे अधिकारी
एमओए पर हस्ताक्षर के दौरान विधायक सुरेश कुमार, महापौर सुरेन्द्र चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन) संजय सूद, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर ठाकुर और कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।