पुलिस-प्रशासन व हितधारकों ने समन्वय मजबूत करने पर दिया जोर
हिमाचल नाऊ न्यूज बिलासपुर :
जिला बाल संरक्षण इकाई बिलासपुर द्वारा डीएलओ सभागार में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2021 तथा मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बाल संरक्षण विषय पर जिला स्तरीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
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कार्यक्रम का उद्देश्य बाल अधिकारों, सुरक्षा से जुड़े कानूनों और विभिन्न विभागों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी प्रदान करना तथा आपसी समन्वय को सुदृढ़ करना रहा।समापन सत्र की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने की।
उन्होंने बाल संरक्षण मामलों में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर उसकी कार्यप्रणाली समझने के लिए प्रेरित किया।
विधि अधिकारी सीमा संख्यान ने किशोर न्याय अधिनियम 2015, पोक्सो अधिनियम 2012, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 तथा बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 सहित विभिन्न बाल अधिकार कानूनों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ करने और दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया।संस्थागत अधिकारी रीना चंदेल ने बाल संरक्षण संस्थानों में बच्चों के पुनर्वास, देखभाल, संचालन एवं निरीक्षण की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग हरीश मिश्रा ने बताया कि मिशन वात्सल्य पोर्टल के माध्यम से अनाथ बच्चों का डाटा प्राप्त किया जा सकता है।
डीएसपी नैना देवी विक्रांत बोंन्सरा ने स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (एसजेपीयू) की भूमिका, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (सीएनसीपी) तथा कानून के साथ संघर्ष में आए बच्चों (सीसीएल) के संबंध में जानकारी साझा की।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी सत्या चंदेल ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी।कार्यक्रम में पुलिस विभाग, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य हितधारकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
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