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बीजेपी समर्थित हाटी समिति उद्योग मंत्री को बदनाम कर रही- सुनील चौहान

Ankita • 19 Jan 2024 • 1 Min Read

HNN/ शिलाई

शिलाई ब्लॉक कांग्रेस के महासचिव व मीडिया प्रभारी सुनील चौहान ने कहा कि बीजेपी समर्थित हाटी समिति उद्योग मंत्री ठाकुर हर्षवर्धन चौहान को बदनाम कर रही है। बीजेपी के नेता व हाटी समिति उद्योग मंत्री ठाकुर हर्षवर्धन चौहान को घेरने की कोशिश कर रही है ताकि उनके ऊपर हावी हो सके।

सुनील चौहान ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में इन्होंने कोई कमी नही रखी। बीजेपी नेता का प्रचार प्रसार करने के लिए इन्होंने रात दिन एक किया और कह रहे हमने तो प्रचार नही किया। घर घर हाटी के नाम के वोट मांगे जबकि हाटी हुआ ही नही था।

हाटी समिति बोल रही थी हाटी हो गया, जश्न भी मनाया, वोट भी मांगे और अब बोल रहे हुआ नही चौहान साहब रोक रहे है। कभी बोलते है हो गया कभी बोलते रोक रहे है। इनकी आपस में ही दुविधा है परंतु उद्योग मंत्री ठाकुर हर्षवर्धन चौहान जनता के बीच रहते है। लोगों की समस्याओं को सुनते है। इसलिए उन पर हाटी समिति का बोलने का कोई असर नहीं होता।

सुनील ने कहा कि जितना ये उद्योग मंत्री ठाकुर हर्षवर्धन चौहान को कोसते है, उतना ही ठाकुर हर्षवर्धन चौहान को मजबूती मिलती है। बीजेपी समर्थित हाटी समिति आए दिन प्रेस वार्ता करते है, इनको शिलाई विधानसभा से बीजेपी की हार हजम नही हो रही है।

अभी तक सदमे में है इनको अभी तक सपना सा लग रहा है की ये कैसे हुआ। ये सभी लोग पांवटा में रहते है और जब तक प्रेसवार्ता में उद्योग मंत्री के बारे में बुरा भला नही कहते इनको खाना भी हजम नही होता, पर ये इनके मानसिकता को दर्शाता है।

सुनील चौहान ने कहा कि उद्योग मंत्री ठाकुर हर्षवर्धन चौहान सही कह रहे है कि गरीब लोगों से कोर्ट की लड़ाई के लिए पैसा इकट्ठा कर रहे है जबकि सरकार वकील को हाटियों के लड़ाई के लिए खड़ा कर रही है। यहां तक ठाकुर हर्षवर्धन चौहान ने कहा है जितने भी पैसे लगेंगे में देने को तैयार है परन्तु हाटी समिति शिलाई की गरीब लोगों से पैसा ले रही है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल में बाढ़ आई और पूरे हिमाचल के लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया और सिरमौर शिलाई भी इससे अछूता नही रहा फिर भी उद्योग मंत्री ठाकुर हर्षवर्धन चौहान ने शिलाई विधानसभा के लिए विकास के लिए सिर्फ 1 साल में 100 करोड़ से ऊपर दे दिए और अब सरकार गांव के द्वार जाकर पूरे जिले के उच्च अधिकारी के साथ समस्याओं को सुन रहे है और साथ साथ निपटा रहे है।