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भाजपा का सुक्खू सरकार पर तीखा वार: कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर साबित हुई ‘कर्मचारी विरोधी’

Shailesh Saini 8 Sep 2025 Edited 8 Sep 1 min read

हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन:

हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार पर भाजपा ने बड़ा हमला बोला है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने एक प्रेस बयान जारी कर आरोप लगाया कि यह सरकार पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण अधिसूचना को वापस ले लिया है, जिससे कर्मचारियों को दो साल की सेवा के बाद ग्रेड पे मिलता था।

इस प्रावधान से कर्मचारियों के वेतन में 10 से 15 हजार रुपए का इजाफा होता था, जो अब खत्म हो गया है।गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार के वित्त विभाग के इस ‘तुगलकी फरमान’ से प्रदेश की 89 श्रेणियों के कर्मचारियों का वेतन अब दोबारा तय किया जाएगा, जिससे उनके मासिक वेतन में 10,000 से 15,000 रुपए तक की भारी कमी आएगी।

उन्होंने इस फैसले को कर्मचारियों की कमर तोड़ने वाला कदम बताया और कहा कि दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों कर्मचारियों का वेतन घटाया जा रहा है।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार ने हमेशा कर्मचारियों के कल्याण के लिए काम किया, जबकि इस सरकार ने ‘हिमाचल प्रदेश सिविल सेवाएं संशोधित वेतन नियम 2025’ की नई अधिसूचना जारी कर भाजपा सरकार के 2022 के नियम 7(क) को हटा दिया है।

उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि जहां महंगाई के इस दौर में सरकार को वेतन बढ़ाना चाहिए था, वहीं उसने कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर दी है।विनय गुप्ता ने कहा कि देश और प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी सरकार ने कर्मचारियों का वेतन घटाने का फरमान जारी किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह फरमान इस सरकार को बहुत महंगा पड़ेगा और प्रदेश के कर्मचारी इसे कभी माफ नहीं करेंगे।