देश सहित विदेशों में मंकीपॉक्स ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। देश में एक तरफ जहां कई लोग मंकीपॉक्स से संक्रमित पाए गए हैं तो वहीं, इसके संदिग्ध मामले भी सामने आए हैं जिसने टेंशन बढ़ा दी है। इसी बीच अब एक राहत की खबर निकल कर सामने आ रही है। बता दें कि इस वायरस के स्ट्रेन को आइसोलेट करने में भारत ने सफलता हासिल कर ली है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे ने मंकीपॉक्स वायरस के स्ट्रेन को आइसोलेट कर लिया है। यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ही एक संस्था है। अब इस वायरस को वैक्सीन और डायगनोस्टिक किट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
मंकीपॉक्स वायरस को सैंपल से किया गया अलग
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
खुद आईसीएमआर ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि “भारत में पहली बार मंकीपॉक्स वायरस को एनआईवी द्वारा अलग किया गया है और आईसीएमआर ने मंकीपॉक्स के लिए स्वदेशी वैक्सीन और डायग्नोस्टिक किट के विकास के लिए इच्छुक भारतीय वैक्सीन और आईवीडी उद्योग भागीदारों को वायरस स्ट्रेन सौंपने का प्रस्ताव करते हुए एक एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किया है।”
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





