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भोटा चैरिटेबल अस्पताल बंद होने के विरोध में हंगामा, बीजेपी विधायकों ने दिया धरने को समर्थन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 27 Nov 2024 • 1 Min Read

Himachalnow / Hamirpur

भोटा चैरिटेबल अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन
हमीरपुर जिले के भोटा में राधा स्वामी चैरिटेबल अस्पताल को बंद करने के नोटिस के खिलाफ स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बुधवार को बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हुए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन में महिलाओं और पुरुषों ने सक्रिय भाग लिया और सरकार से अस्पताल को बंद न करने की गुहार लगाई। इस दौरान मौके पर पुलिस की तैनाती भी की गई, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

बीजेपी विधायकों का धरने को समर्थन
धरने में नैना देवी के विधायक रणधीर शर्मा, बड़सर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल और हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा भी शामिल हुए। विधायकों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे सरकार से इस मामले को सुलझाने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि चैरिटेबल अस्पताल क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसे बंद नहीं होना चाहिए।

अस्पताल के मुद्दे पर विवाद
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल की जमीन का हस्तांतरण और जीएसटी के लंबित भुगतान जैसे मुद्दे अभी तक सुलझे नहीं हैं। वहीं, डेरा ब्यास प्रबंधन चाहता है कि अस्पताल को उनकी सिस्टर ऑर्गेनाइजेशन के तहत चलाया जाए, जिसके लिए लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस पर कार्यवाही का आश्वासन दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारी लिखित गारंटी की मांग कर रहे हैं।

सरकार से संशोधन की मांग
बीजेपी विधायकों ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन कर विधानसभा में बिल लाना चाहिए। इससे अस्पताल प्रबंधन और लोगों की समस्या का समाधान हो सकेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है, जिसके कारण लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं।

भविष्य की रणनीति
प्रदर्शनकारी अब 1 दिसंबर तक धरना जारी रखने का ऐलान कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तो अस्पताल में स्टाफ और सामान को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। वहीं, डेरा ब्यास प्रबंधन से भी चर्चा करने की योजना बनाई जा रही है ताकि अस्पताल को बंद होने से बचाया जा सके।