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महंगाई के दौर में राहत! हिमाचल में सस्ती हुई बिजली,1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें

PRIYANKA THAKUR 26 Mar 2026 Edited 26 Mar 1 min read

Himachalnow / शिमला

महंगाई के बीच हिमाचल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए दरों में मामूली कटौती की गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस फैसले से करीब 28 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा, जबकि 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। साथ ही उद्योगों को भी इस निर्णय से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

शिमला

नई बिजली दरें जारी, उपभोक्ताओं को मिली हल्की लेकिन अहम राहत

महंगाई के दौर में हिमाचल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके तहत बिजली एक पैसा प्रति यूनिट सस्ती कर दी गई है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रदेशभर के करीब 28 लाख उपभोक्ताओं पर लागू होंगी।इस फैसले के बाद घरेलू, कृषि, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मामूली राहत मिलेगी।

हालांकि कटौती भले ही एक पैसा प्रति यूनिट की हो, लेकिन सरकार ने ऐसे समय में दरें नहीं बढ़ाईं जब महंगाई और अन्य खर्च पहले से लोगों की जेब पर दबाव बनाए हुए हैं। यही वजह है कि इस फैसले को “छोटी कटौती, लेकिन बड़ी राहत” के तौर पर देखा जा रहा है।जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश पर हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड ने आयोग के समक्ष बिजली दरें न बढ़ाने की पैरवी की थी, ताकि सब्सिडी व्यवस्था में संभावित बदलाव के बावजूद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसी के बाद आयोग ने दरों में इजाफा करने के बजाय मामूली कटौती कर दी।


जेब पर कितना पड़ेगा असर?
यदि कोई उपभोक्ता महीने में 200 यूनिट बिजली खर्च करता है, तो उसे करीब 2 रुपये सालाना 24 रुपये तक की सीधी राहत मिलेगी। वहीं जिन उपभोक्ताओं, दुकानदारों और उद्योगों की खपत ज्यादा है, उन्हें इसका अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिलेगा। खासतौर पर औद्योगिक इकाइयों के लिए यह फैसला राहतभरा माना जा रहा है, क्योंकि उनकी बिजली खपत काफी अधिक होती है।

नई दरें क्या होंगी?

उपभोक्ता श्रेणीदर (रुपये प्रति यूनिट)
कृषि उपभोक्ता5.03 ₹
गैर-घरेलू उपभोक्ता6.37 ₹
व्यावसायिक उपभोक्ता6.11 – 6.20 ₹
लघु एवं मध्यम उद्योग5.60 ₹
बड़े उद्योग5.45 – 5.55 ₹
ईवी चार्जिंग6.78 ₹


125 यूनिट तक मुफ्त बिजली जारी ,बिजली बोर्ड की लागत और राजस्व जरूरत भी बढ़ी

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। यानी जिन परिवारों की मासिक खपत इस सीमा के भीतर रहती है, उन्हें पहले की तरह ही सीधा लाभ मिलता रहेगा।राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली बोर्ड की वार्षिक राजस्व आवश्यकता 8,636.16 करोड़ रुपये आंकी है। यह पिछले वित्त वर्ष के 8,403.25 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके बावजूद आयोग ने उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं बढ़ाया।


वहीं, बिजली की औसत आपूर्ति लागत 6.75 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है, जो पिछले साल की तुलना में एक पैसा कम है।
पिछले साल भी मिली थी । राहत गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बिजली दरों में 15 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई थी। अब लगातार दूसरे साल दरों में राहत मिलने से प्रदेश के उपभोक्ताओं को कुछ हद तक राहत महसूस होगी।

फिलहाल, भले ही यह कटौती बहुत बड़ी नहीं मानी जा रही हो, लेकिन ऐसे समय में जब रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर ईंधन और परिवहन तक सब कुछ महंगा हो रहा है, तब बिजली दरों में राहत को आम उपभोक्ता के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।