मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नाहन में आज विशेष कार्यशाला
तनाव और मानसिक दबाव से निपटने के दिए जाएंगे उपाय, विक्रम कैसल में दोपहर बाद जुटेंगे प्रतिभागी
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन
मानसिक स्वास्थ्य, तनाव और भावनात्मक संतुलन को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नाहन में आज वीरवार को विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। रोटरी नाहन सिरमौर हिल्स और रोटरी फेलोशिप ऑफ हिप्नोसिस एंड हीलिंग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला एचपी होम गार्ड्स की चौथी बटालियन प्रशिक्षण केंद्र, विक्रम कैसल नाहन में दोपहर 2:30 से 3:30 बजे तक आयोजित होगी।
आयोजकों के अनुसार कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें तनाव, नकारात्मक विचारों तथा रोजमर्रा के मानसिक दबाव से बेहतर ढंग से निपटने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देना है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, प्रतिस्पर्धा, सामाजिक अपेक्षाएं और भविष्य को लेकर चिंता लोगों के मानसिक संतुलन को प्रभावित कर रही है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बातचीत करना और समय रहते सही मार्गदर्शन हासिल करना बेहद जरूरी हो गया है।
कार्यशाला में मानसिक शांति, सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन और स्वयं को बेहतर समझने जैसे विषयों पर विशेषज्ञों की ओर से जानकारी साझा की जाएगी। कार्यक्रम में यह संदेश भी प्रमुखता से सामने आने की उम्मीद है कि मानसिक परेशानी को छिपाने के बजाय उसके बारे में बात करना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की ओर से भी मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने और इस विषय पर खुलकर संवाद की आवश्यकता पर विचार रखे जाएंगे। आयोजकों का मानना है कि यदि तनाव और मानसिक दबाव के शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए तो व्यक्ति को गंभीर मानसिक परेशानियों से बचाने में मदद मिल सकती है।
रोटरी नाहन सिरमौर हिल्स की अध्यक्ष रोटेरियन प्रगति सबलोक, सचिव रोटेरियन विकास रत्तन, संरक्षक पीएजी डॉ. सुरेश कुमार सबलोक तथा मानसिक स्वास्थ्य पहलों की जिला अध्यक्ष रोटेरियन डॉ. हरलीन कौर सहित संस्था से जुड़े पदाधिकारी इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नाहन में आयोजित यह पहल समाज में एक सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ लोगों को अपने मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करेगी।
