“मैं डॉ. राजीव बिंदल की पीड़ा समझता हूं…”: अजय सोलंकी का सदन में तंज, बोले—नाहन मेडिकल कॉलेज पर भाजपा सिर्फ राजनीति कर रही
विधायक अजय सोलंकी ने बजट बहस में भाजपा पर साधा निशाना, कहा—जनता सब देख रही, मेडिकल कॉलेज पर झूठ और भ्रम फैलाने वालों को जवाब मिलेगा
हिमाचल नाऊ न्यूज़ | नाहन
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान नाहन से कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने भाजपा और विशेष तौर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पर तीखा सियासी हमला बोलते हुए कहा कि “मैं भाजपा के नेता की पीड़ा समझता हूं…”। सदन में अपने संबोधन के दौरान अजय सोलंकी ने नाहन मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर भाजपा की लगातार बयानबाजी को सिर्फ राजनीति, भ्रम और हताशा की अभिव्यक्ति करार दिया।
अजय सोलंकी ने बिना नाम लिए डॉ. राजीव बिंदल पर तंज कसते हुए कहा कि जैसे ही मुख्यमंत्री नाहन से कार्यक्रम समाप्त कर निकले, भाजपा के बड़े नेता तुरंत मीडिया में प्रतिक्रिया देने पहुंच गए। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि जनहित से ज्यादा कुछ लोगों को अपनी राजनीतिक जमीन खिसकने की चिंता सता रही है।
उन्होंने सदन में कहा कि नाहन मेडिकल कॉलेज को लेकर जिस स्तर की राजनीति की गई, वह बेहद अशोभनीय है। सोलंकी ने दोटूक कहा कि वर्तमान स्थान पर मेडिकल कॉलेज के विस्तार की भारी सीमाएं हैं, वहां इतनी भी जगह नहीं कि दो गाड़ियां आराम से पहुंच सकें और पार्किंग तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सरकार द्वारा नया स्थान चयनित करना व्यावहारिक, दूरदर्शी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप फैसला है।
विधायक ने कहा कि नया चयनित स्थल नगर परिषद क्षेत्र के भीतर ही है और करीब 160 बीघा भूमि उपलब्ध होने से वहां मेडिकल कॉलेज का बेहतर, आधुनिक और विस्तृत ढांचा विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस फैसले का स्वागत करने के बजाय उस पर भी राजनीति कर रही है, जबकि नाहन और सिरमौर की जनता अच्छी तरह समझती है कि क्षेत्र के हित में क्या सही है।
अजय सोलंकी ने सदन में कहा कि सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक जनता भाजपा नेताओं के इस रवैये को देख रही है और लोग खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नाहन की जनता अब राजनीतिक ड्रामे और विकास विरोधी बयानबाजी के बीच का फर्क समझ चुकी है।
अपने संबोधन में अजय सोलंकी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत बजट को “गांव, गरीब, किसान और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का बजट” बताते हुए जोरदार समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बेहद कठिन वित्तीय परिस्थितियों और आरडीजी बंद होने जैसी चुनौतियों के बावजूद सरकार ने ऐसा बजट दिया है, जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसान, पशुपालक, मजदूर और छोटे वर्गों के हितों को केंद्र में रखा गया है।
अजय सोलंकी ने भाजपा पर हमला जारी रखते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल के साथ आर्थिक न्याय नहीं किया और आरडीजी बंद कर प्रदेश के हितों को चोट पहुंचाई। उन्होंने कहा कि यह किसी एक सरकार का नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल और उसकी 75 लाख जनता का नुकसान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश के हितों के मुद्दे पर भी एकजुट होकर आवाज उठाने के बजाय राजनीतिक लाभ-हानि का हिसाब लगा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बजट में बड़े प्रावधान किए हैं। हर मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक सुविधाएं, आईसीयू बेड, रोबोटिक सर्जरी, विशेषज्ञ सेवाएं और आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था का रास्ता खोला गया है। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ रहा है जब हिमाचल के लोगों को इलाज के लिए बाहरी राज्यों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
शिक्षा क्षेत्र में भी उन्होंने सरकार के फैसलों की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्ता आधारित शिक्षा, सीबीएसई पैटर्न, राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल और प्रतिस्पर्धी माहौल के अनुरूप लिए गए फैसले आने वाले समय में प्रदेश के भविष्य को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि शुरुआती विरोध के बावजूद अब जनता इन फैसलों के पक्ष में खड़ी दिखाई दे रही है।
अजय सोलंकी ने अपने भाषण के अंतिम हिस्से में कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि हिमाचल को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला विजन दस्तावेज है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि विकास के हर कदम पर राजनीति करने वालों को जनता समय आने पर जवाब जरूर देगी।
नाहन मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर सदन में अजय सोलंकी का यह आक्रामक रुख अब सिरमौर की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है। खास बात यह है कि उन्होंने सीधे-सीधे यह संदेश देने की कोशिश की कि मेडिकल कॉलेज पर भाजपा की राजनीति अब उलटी पड़ सकती है और कांग्रेस इसे जनभावनाओं से जोड़कर बड़ा सियासी मुद्दा बनाने के मूड में है।