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मोड़ों से मुक्त होगा नाहन-शिमला हाईवे, चीफ इंजीनियर अजय कपूर ने परखा एनएच-907ए का रोड

Shailesh Saini 17 Dec 2025 Edited 17 Dec 1 min read

सिरमौर में एनएच सुधारीकरण को पंख: 31 मार्च तक तैयार होगा खजूरना का भव्य मार्कंडा पुल​खतरनाक मैप

नाहन:​

जिला सिरमौर में नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHA) के दो बड़े प्रोजेक्ट्स की तस्वीर जल्द बदलने वाली है। मंगलवार को एनएच शिमला सर्किल के मुख्य अभियंता (Chief Engineer) अजय कपूर ने अपनी उच्च तकनीकी टीम के साथ जिला का दौरा किया और दो महत्वपूर्ण स्थलों पर चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया।

​मुख्य अभियंता ने सबसे पहले नेशनल हाईवे 07 (NH-07) पर खजूरना के समीप निर्माणाधीन मार्कंडा पुल के कार्य का निरीक्षण किया। यह ‘बोस्टिंग ब्रिज’ अपने निर्माण के अंतिम चरण में है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस सामरिक और महत्वपूर्ण पुल को 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह तैयार कर जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है।

निरीक्षण के दौरान पुल की गुणवत्ता और फिनिशिंग पर विशेष चर्चा की गई, क्योंकि यह ब्रिज न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।​

इसके बाद टीम ने नाहन-कुमारहट्टी नेशनल हाईवे (NH-907A) के चुनौतीपूर्ण खंड का रुख किया। यह मार्ग अपने अत्यधिक तीखे और खतरनाक मोड़ों के लिए जाना जाता है, जहाँ वाहन चलाना चालकों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता।

सड़क को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए मार्क टेक्नोलॉजी कंसल्टेंसी द्वारा 78 किलोमीटर लंबे इस खंड के सुधारीकरण की टेक्निकल रिपोर्ट तैयार की गई है।​इस रिपोर्ट पर विभाग द्वारा लगाई गई 16 आपत्तियों (queries) का मुख्य अभियंता ने मौके पर निपटारा किया।

8 करोड़ के टेंडर के तहत तैयार इस रिपोर्ट का उद्देश्य हाईवे से खतरनाक मोड़ों को हटाना और सड़क को चौड़ा करना है। इन आपत्तियों के सुधरने के बाद अब जल्द ही रिपोर्ट को मंत्रालय (Ministry) भेजा जाएगा, जहाँ से हरी झंडी मिलते ही डीपीआर (DPR) का काम शुरू होगा।

सड़क के सुधारीकरण और मध्यवर्ती लेन के संरेखण (alignment) के बाद यह हाईवे पूरी तरह से बदल जाएगा और सफर सुरक्षित हो जाएगा।​अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि नाहन शहर में बाईपास की कमी के कारण फिलहाल NH-907A और NH-07 की सीधी कनेक्टिविटी नहीं है।

हालांकि, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनोग से काशीवाला तक 8 किलोमीटर के वैकल्पिक बाईपास को फाइनल कर लिया गया है। सुरंग के प्रस्ताव पर भी विभाग की नजर है, जिसकी डीपीआर भविष्य में तैयार की जाएगी।​

इस निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता अजय कपूर के साथ अधीक्षण अभियंता रतन शर्मा, अधिशासी अभियंता नाहन एनएच मंडल राकेश खण्डूजा और अन्य तकनीकी अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।