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यशवंत विहार के खतरनाक मोड़ पर गहरी खाई में गिरा बैल, चार घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

Shailesh Saini • 44 Mins Ago • 1 Min Read

सुरक्षा बैरिकेड न होने से लोगों में रोष, बोले- बच्चों और वाहनों के लिए बना रहता है हादसे का खतरा

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

जिला मुख्यालय नाहन के वार्ड नंबर दो स्थित यशवंत विहार में मंगलवार शाम एक बैल के गहरी खाई में गिरने से करीब चार घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा। फायर विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों और श्री सनातन चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी नाहन के सदस्यों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद घायल बैल को खाई से सुरक्षित बाहर निकाला।

इसके बाद बैल को उपचार के लिए पशु चिकित्सालय भेजा गया।जानकारी के अनुसार यशवंत विहार में सांसद सुरेश कश्यप के आवास से करीब 50 मीटर की दूरी पर स्थित तीखे मोड़ के पास दो बैल आपस में लड़ रहे थे। इसी दौरान एक बैल सड़क किनारे से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरा।

बैल के खाई में गिरने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और फायर विभाग को सूचित किया।सूचना मिलने के बाद फायर विभाग की टीम में शामिल फायरमैन जयप्रकाश, फायरमैन मैन सिंह और चालक दीपेश कुमार करीब शाम सात बजे मौके पर पहुंचे।

खाई काफी गहरी होने और बैल के भारी-भरकम होने के कारण उसे बाहर निकालना चुनौती बन गया। इसके बाद बिजली विभाग के क्लास-1 ठेकेदार चमन लाल के सहयोग से शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर से हाइड्रा मशीन मंगवाई गई।

सोसाइटी की टीम ने संभाला प्रशासनिक समन्वय

रेस्क्यू ऑपरेशन में श्री सनातन चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी नाहन की टीम की भी अहम भूमिका रही। सोसाइटी से इंदिरा चावरिया, राजीव गुप्ता एडवोकेट और शुभम सैनी ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू कार्य में सहयोग किया। टीम ने प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक समन्वय में मदद करने के साथ घायल बैल के उपचार के लिए पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रेस्क्यू टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल बैल को सावधानीपूर्वक हाइड्रा की सहायता से बांधा और करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे गहरी खाई से बाहर निकाला। बैल के घायल होने के कारण उसे उपचार के लिए पशु चिकित्सालय भेजा गया।

बैल के गिरने से सामने आई सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति

स्थानीय निवासी राजीव कुमार, अनिल कुमार, राकेश शर्मा सहित अन्य लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर बैल खाई में गिरा, वह लंबे समय से दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील है। यहां सड़क के साथ गहरी खाई है, लेकिन सुरक्षा के लिए पर्याप्त बैरिकेड या अन्य इंतजाम नहीं किए गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में नगर परिषद को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, बावजूद इसके तीखे मोड़ के साथ खाई की तरफ सुरक्षा बैरिकेड नहीं लगाए गए। इस कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

लोगों ने बताया कि इस स्थान के आसपास कॉलोनी के बच्चे भी खेलते हैं। सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों के खाई की तरफ जाने का खतरा बना रहता है। इसी मार्ग से नीचे की ओर मेडिकल कॉलेज का छात्रावास और चिकित्सकों के आवास भी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार ऊपर से नीचे की ओर आने वाले वाहन कई बार तेज गति से आते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।

खुले बिजली तार भी बढ़ा रहे खतरा

स्थानीय लोगों ने इस स्थान पर लगे बिजली के पोल को लेकर भी चिंता जताई। लोगों के अनुसार पोल से आसपास के घरों को बिजली के कनेक्शन दिए गए हैं और बिजली की तारें काफी खुली अवस्था में हैं। उनका कहना है कि सड़क किनारे खाई और खुले बिजली तारों के कारण यहां किसी भी समय गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने नगर परिषद और संबंधित विभागों से तीखे मोड़ को ब्लैक स्पॉट के तौर पर चिन्हित कर सुरक्षा बैरिकेड लगाने, सड़क किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और बिजली तारों को व्यवस्थित करने की मांग की है।वार्ड नंबर दो के पार्षद नरेंद्र तोमर ने कहा कि मौके का जल्द निरीक्षण किया जाएगा और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करवाने के प्रयास किए जाएंगे।