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यशवंत विहार में पुलिस नाके से लोगों को राहत, रैश बाइकर्स पर सख्ती की उठी मांग

Shailesh Saini • 1 Hour Ago • 1 Min Read

तेज रफ्तार बाइकर्स से पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर सवाल, स्थायी नाके के साथ नाहन से शिमला रोड तक पुलिस गश्त की मांग

हिमाचल नाऊ न्यूज़ | नाहन

जिला मुख्यालय की पॉश कॉलोनियों में शुमार यशवंत विहार में देर शाम पुलिस नाका लगने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। कॉलोनी से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-907ए पर तेज रफ्तार और लापरवाही से मोटरसाइकिल चलाने वालों की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम ढलते ही सड़क पर रैश ड्राइविंग करने वाले बाइकर्स का जमावड़ा लग जाता है, जिससे पैदल चलने वालों और सड़क किनारे आवाजाही करने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज रफ्तार बाइकर्स कई बार सड़क पर निर्धारित गति सीमा की परवाह किए बिना मोटरसाइकिल दौड़ाते हैं और आपस में रफ्तार की प्रतिस्पर्धा करते नजर आते हैं।

इससे हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि यशवंत विहार में पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं, जिनमें एक सब्जी विक्रेता की टांग टूट गई थी, जबकि कॉलोनी की एक युवती भी मोटरसाइकिल की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुई थी और उसकी कमर में फ्रैक्चर आया था।

यशवंत विहार कल्याण समिति के अध्यक्ष संजय ठाकुर उर्फ संजू भाई ने इस समस्या को विधायक अजय सोलंकी के समक्ष भी उठाते हुए कॉलोनी में स्थायी रूप से अथवा प्रतिदिन पुलिस नाका लगाने का आग्रह किया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर शाम पुलिस नाका लगाए जाने से तेज रफ्तार बाइकर्स की आवाजाही पर अंकुश लगाने की उम्मीद जगी है।

नाके के दौरान कुछ बाइकर्स बिरोजा फैक्ट्री और शिमला रोड स्थित मैगी प्वाइंट के आसपास नाका हटने का इंतजार करते भी नजर आए।लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि केवल कभी-कभार नाका लगाने के बजाय नाहन से शिमला रोड के दो सड़का क्षेत्र तक नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम के समय शराब पीकर या अन्य नशे की हालत में वाहन चलाने वाले कुछ लोग सड़क पर हंगामा करने के साथ स्थानीय लोगों से विवाद भी करते हैं। हाल ही में सेन की सेर निवासी एक व्यक्ति और उसके पुत्र के साथ मारपीट का मामला भी पुलिस थाने तक पहुंचने की बात सामने आई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी भी नहीं होनी चाहिए। पुलिस नाके पर स्थानीय निवासियों, पैदल चलने वालों और जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों को सहज रास्ता मिलना चाहिए।

वहीं, यातायात नियमों का उल्लंघन करने, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, निर्धारित गति सीमा पार करने और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर ऐसे वाहन चालकों के लाइसेंस और दस्तावेजों की जांच कर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई भी की जाए।

यशवंत विहार सोसायटी के अध्यक्ष संजय ठाकुर ने बताया कि वह जल्द ही पुलिस अधीक्षक सिरमौर को ज्ञापन सौंपकर कॉलोनी में स्थायी पुलिस नाका लगाने और नियमित पुलिस गश्त की मांग करेंगे।

स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि पुलिस प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाएगा, ताकि सड़क पर आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और तेज रफ्तार बाइकर्स की वजह से किसी अन्य परिवार को हादसे का दर्द न झेलना पड़े।