रणधीर शर्मा का आरोप: एआई समिट प्रकरण में मुख्यमंत्री कार्यालय की हो निष्पक्ष जांच
राष्ट्रविरोधी कृत्य में सरकारी संरक्षण, विधानसभा परंपराओं को किया गया दरकिनार
शिमला।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने प्रेस वार्ता में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 प्रकरण को लेकर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 20 फरवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया अर्धनग्न प्रदर्शन राष्ट्रविरोधी कृत्य था, क्योंकि उस समय 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भारत की मेजबानी में उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि भारत सरकार का था, इसलिए इस प्रकार के प्रदर्शन से देश की छवि धूमिल हुई है।“सूत्रधार स्वयं मुख्यमंत्री”रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के सूत्रधार स्वयं मुख्यमंत्री सुक्खू हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा की परंपराओं की अनदेखी करते हुए आरडीजी (Revenue Deficit Grant) के मुद्दे को राजनीतिक उद्देश्य से आगे बढ़ाया और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाने की संवैधानिक प्रक्रिया को दरकिनार किया।
उन्होंने बताया कि बजट सत्र के दौरान परंपरा के अनुसार धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाना चाहिए था, किंतु सरकार ने आरडीजी के मुद्दे पर सरकारी संकल्प लाकर तीन दिन तक चर्चा करवाई। प्रस्ताव पारित होने के तुरंत बाद सदन स्थगित कर दिया गया।
शर्मा ने प्रश्न उठाया कि क्या मुख्यमंत्री या उनके मंत्रियों ने आरडीजी बहाली को लेकर प्रधानमंत्री या वित्तमंत्री से मुलाकात की? उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में आरडीजी के बजाय कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की गई और 20 फरवरी की घटना की जिम्मेदारी ली गई।
हिमाचल सदन में ठहराने का आरोपभाजपा नेता ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल व्यक्तियों को हिमाचल सदन में ठहराया गया, जिसकी पुष्टि स्वयं मुख्यमंत्री ने की है। उन्होंने कहा कि यदि कमरों की बुकिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर आरोपियों को पकड़ने के बाद उन्हें हिमाचल लाया गया और सरकारी संरक्षण दिया गया। बाद में जब दिल्ली पुलिस विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत उन्हें वापस ले जा रही थी, तब हिमाचल पुलिस द्वारा हस्तक्षेप किया गया। शर्मा ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई प्रतीत होती है।
केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांगरणधीर शर्मा ने पूरे घटनाक्रम की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शांतिप्रिय और देशभक्त प्रदेश है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। भाजपा ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग पर कायम है।