पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या मामले में नलिनी श्रीहरन, उनके पति और तीन अन्य दोषियों को शनिवार शाम तमिलनाडु की जेलों से रिहा कर दिया गया। वेल्लोर में महिलाओं के लिए विशेष जेल से रिहा होने के तुरंत बाद नलिनी वेल्लोर सेंट्रल जेल गई, जहां से उसके पति वी श्रीहरन उर्फ मुरुगन को रिहा कर दिया गया। इस दौरान पति को देखकर नलिनी भावुक हो गईं।
जेल से बाहर आते ही नलिनी श्रीहरन ने कहा कि मैं तमिलनाडु के लोगों की शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने 31 साल तक मेरा साथ दिया। मैं राज्य और केंद्र सरकार दोनों को धन्यवाद देती हूं। बाकी के बारे में मैं कल चेन्नई में प्रेस मीट के दौरान बोलूंगी।
31 साल बाद दोषियों को किया गया रिहा
बता दें, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में शामिल दोषियों को 31 साल बाद रिहा किया गया है। अभी तक सभी उम्रकैद की सजा काट रहे थे। 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया था। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी मारे गए थे। महिला की पहचान धनु के तौर पर हुई थी। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें पेरारिवलन, मुरुगन, संथन, रविचंद्रन, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और नलिनी श्रीहरन शामिल थे।
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कांग्रेस ने की आलोचना
कांग्रेस ने राजीव गांधी की हत्या के दोषियों को रिहा करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पूरी तरह गलत और अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने इसकी निंदा करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे पर देश की जन भावनाओं के अनुरूप कार्य नहीं किया।
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