राज्य लोकसेवा आयोग पर उठे सवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में गैरहाजिर अभ्यर्थी हुआ पास

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HNN/ शिमला

राज्य लोकसेवा आयोग शिमला ने गैर हाजिर अभ्यर्थी को कॉलेज कैडर की असिस्टेंट प्रोफेसर गायन विषय की परीक्षा में पास किया है। बता दें गैरहाजिर अभ्यर्थी के रोल नंबर के आगे और पीछे बैठे अभ्यर्थियों ने इस बाबत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से शिकायत की है। इसलिए अब कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर भंग होने के बाद राज्य लोकसेवा आयोग शिमला की परीक्षा पर भी सवाल उठे हैं।

बता दें विस चुनाव को लेकर लगी आचार संहिता के दौरान शिमला के आरकेएमवी में 26 नवंबर 2022 काे गायन विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर की लिखित परीक्षा हुई थी। दोनों अभ्यर्थियों ने बताया कि दो मार्च को लोकसेवा आयोग की ओर से घोषित किए गए सहायक आचार्य (काॅलेज कैडर) संगीत (गायन) के स्क्रीनिंग टेस्ट में अनियमितताएं बरती गईं। जो अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में अनुपस्थित था, वह परीक्षा परिणाम में पास घोषित कर दिया है।

पास घोषित किए गए उस रोल नंबर के आगे व पीछे बैठे दोनों अभ्यर्थियों ने इस बात की पुष्टि की है। निरीक्षक ने अनुपस्थित रोल नंबर के डेस्क पर पहले ओएमआर शीट रखी। 10 मिनट बाद ओएमआर शीट को वहां से उठा लिया। 15 मार्च को लिखित परीक्षा पास करने वालों को साक्षात्कार के लिए भी बुला लिया गया है। आरोप है कि वेबसाइट पर जारी आंसर-की में पांच प्रश्नों के उत्तर गलत होने पर अभ्यर्थियों ने आंसर-की को प्रमाण सहित चुनौती दी थी।

आयोग ने रिवाइज आंसर-की निकाले बिना ही परिणाम घोषित कर दिया। सोलन के दो अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र में सीसीटीवी न होने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की गुहार लगाई। अभ्यर्थियों के इस संगीन आरोप से हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में पेपर लीक मामले के बाद अब लोकसेवा आयोग भी कटघरे में आ गया है।