डॉ. बाइकिंग भानू को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में जनजातीय क्षेत्रों में दी जा रही उनकी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित किया। वह हिमाचल से एकमात्र विद्वान हैं जिन्हें इस अवसर पर आमंत्रित किया गया।
धर्मशाला
राष्ट्रपति भवन में सम्मान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉक्टर भानू को जनजातीय क्षेत्रों में नीतियों और कार्यक्रमों के निर्धारण में सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया और सम्मानित किया।
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शैक्षिक और पेशेवर उपलब्धियां
डॉ. भानू का जन्म 28 अगस्त 1976 को राशील गांव में हुआ। उन्होंने आईजीएमसी शिमला से एमबीबीएस किया और नेवी में कमीशन प्राप्त कर आम्र्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज से एमएस (जनरल सर्जरी) की।
माउंट एवरेस्ट विजेता और पुरस्कार
डॉ. भानू 18 मई 2004 को माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले विश्व के पहले डॉक्टर बने। इसके लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा नौसेना शौर्य पुरस्कार मिला।
मातृभूमि की सेवा का संकल्प
2015 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर उन्होंने भानू अस्पताल कुल्लू और मंडी की स्थापना की और दुर्गम क्षेत्रों में सस्ती चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना अपना मिशन बनाया। वह सर्जनों को लैप्रोस्कोपिक तकनीक का प्रशिक्षण भी देते हैं।
परिवार और प्रेरणा
डॉ. भानू के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल (से.नि.) एसडी भानू हैं और माता पमोली भानू एक कुशल गृहिणी हैं।
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