HNN/धर्मशाला
जिला कांगड़ा के धर्मशाला में जवाली स्थित न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दीपाली गंभीर की अदालत ने वन्यप्राणी की हत्या मामले में दो दोषियों को 3-3 साल के कठोर कारावास सहित दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यदि दोषी किसी सूरत में जुर्माना अदा नहीं करते तो उन्हें एक माह का साधारण अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपियों की पहचान सिकंदर कुमार निवासी चलवाड़ा और विजय कुमार निवासी मलतेहड़ जिला मंडी के रूप में हुई है।
बता दें कि मामला 24 अक्तूबर 2009 का है जब शाम के समय पुलिस चौकी कोटला में टेलीफोन पर सूचना मिली थी कि बलवाड़ा गांव से भरनाला की तरफ जाने वाले जंगल में दो संदिग्ध लोग घूम रहे हैं। इस पर चौकी से पुलिस कर्मियों ने मौके पर जाकर सिकंदर कुमार और विजय कुमार को मृतक वन्य प्राणी सकरालू के साथ रंगे हाथ पकड़ा था। पुलिस की जांच के दौरान पता चला कि शिकार पर निकले इन दोनों शिकारियों ने जंगल में सकरालू को पत्थर से पीट-पीट कर मार डाला था और जब वह उसे लेकर जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
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जिसके बाद पुलिस ने मृतक वन्य प्राणी का पोस्टमार्टम करवाकर उसे वन विभाग को सौंप दिया था। जिसके बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी कोटला की शिकायत पर पुलिस थाना जवाली में इन दोनों शिकारियों के खिलाफ वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियम 1972 की धारा 51 के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दीपाली गंभीर की अदालत में 10 गवाहों के बयानों को दर्ज किया गया और अभियोजन तथा बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है।
सरकार की तरफ से मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी जवाली रवि कुमार द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि अदालत ने दोनों दोषियों को वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियम 1972 की धारा 51 के तहत दोषी करार दिया और 3-3 साल के कठोर कारावास सहित दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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