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विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भी सदन में हंगामा बरकरार, विपक्ष ने किया वॉकआउट

By Ankita Published: 15 Mar 2023, 7:46 PM | Updated: 15 Mar 2023, 7:46 PM 1 min read

HNN/ शिमला

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भी सदन में हंगामा बरकरार रहा। सदन में सरकारी संस्थानों को डिनोटिफाई करने के मामले में नियम 67 के तहत लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान चर्चा के दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक होती रही। बंद संस्थानों पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जब जवाब दे रहे थे तो सदन में हंगामा शुरू हो गया।

विपक्षी सदस्य संस्थानों को बंद करने के विरोध में नारेबाजी करने लगे। कुछ देर तक हंगामा चलता रहा। फिर विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 4145 स्कूल एक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। 455 स्कूल में एक भी अध्यापक नहीं है। 12 हजार अध्यापक पद खाली चल रहे हैं।

25 कॉलेज खोलने का प्रस्ताव दिया, केवल 2 कॉलेज खोलने की वित्त विभाग ने मंजूरी दी है। बिना वित्त विभाग की मंजूरी से पूर्व भाजपा सरकार ने संस्थान खोले। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां जरूरत होगी, वहां संस्थान खोले जाएंगे। बजट का प्रावधान करके संस्थान खोले जाएंगे, और विपक्ष सभी संस्थानों की बहाली का आश्वासन चाहता था।

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सुक्खू सरकार हिमाचल प्रदेश में गलत परंपरा शुरु कर रही है। अगर सभी संस्थानों को सरकार बहाल नहीं करती है, तो आने वाले समय में जब भाजपा की सरकार बनेगी तो सुक्खू सरकार के 5 साल के कार्यों का रिव्यू किया जाएगा।

पूर्व की भाजपा सरकार ने बजट प्रावधान करके संस्थानों को जन भावनाओं के आधार पर खोला था, उन्हें बंद करना सही नहीं है।