विपक्ष ने संस्थानों को बंद करने के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, वॉकआउट
HNN/ शिमला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन भी सदन में हंगामा बरकरार रहा। बता दें भाजपा विधायकों ने 632 संस्थानों को बंद करने के निर्णय का विरोध किया। हिमाचल प्रदेश में संस्थानों को डिनोटिफाई करने के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा मांगी गई।
सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायक विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए और संस्थानों को डिनोटिफाई करने के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद कांग्रेस के विधायक भी आक्रोश में आ गए और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
सदन की कार्यवाही शुरू हुई और भाजपा विधायकों ने दो मिनट के भीतर ही वाकआउट कर लिया। विपक्ष ने सीएम कार्यालय के बाहर भी ताले लगी सांकल कंधे पर उठाकर विरोध किया। अब विधायक निंदा प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भाजपा सदस्यों पर सरकार के ऊपर दबाव बनाने के आरोप लगाते हुए सरकार की ओर से विपक्ष के व्यवहार पर निंदा प्रस्ताव लाया।
बागवानी मंत्री ने पूर्व की भाजपा सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने के आरोप लगाए। उन्होंने विपक्ष पर ड्रामेबाजी करने का आरोप लगाया। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हुए विपक्ष से संयम बरतने का आग्रह किया।