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शिक्षा ऋण योजना में डेढ़ लाख रूपये तक ऋण का प्रावधान, पिरथीपुर निचला और चलेट अप्पर के ग्रामीण किए जागरूक 

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 16 सितंबर 2025 at 6:22 pm

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ऊना/वीरेंद्र बन्याल

शिक्षा ऋण योजना में डेढ़ लाख तक ऋण का प्रावधान, ग्रामीणों को दी जागरूकता

हिमाचल सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति से संबंधित युवाओं को मैट्रिक के बाद तकनीकी विषयों और व्यवसायों में शिक्षा प्राप्त करने के लिए शिक्षा ऋण योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के अंतर्गत 75 हज़ार रूपये तक का ऋण ब्याज मुक्त और 75 हज़ार से 1.5 लाख रूपये तक का ऋण 4 से 5 प्रतिशत वार्षिक दर पर उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। योजना के अन्तर्गत आवेदक छात्र के माता-पिता व अभिभावक भी सह-ऋणी होते हैं। यह ऋण केवल उन्हीं परिवारों के छात्रों/छात्राओं को प्रदान किए जाते हैं जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 3 लाख से कम है। इस योजना में डिप्लोमा तथा डिग्री कोर्सिज़ जैसे जेबीटी, एमबीबीएस, इंजिनियरिंग, एक वर्षीय होटल मैनेजमैंट, एमबीए, जीएएमएस, एमएस, नर्सिग आदि के लिए ऋण देने की सुविधा का भी प्रावधान है। इसके साथ ही ऋण की वसूली कोर्स पूर्ण होने के दो वर्ष बाद अथवा नौकरी मिलने पर, जो पहले हो, से शुरू हो जाती है।

यह जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संबद्ध नाट्यदल आर.के. कलामंच चिंतपूर्णी ने मंगलवार को पहले चरण के तीसरे दिन गगरेट उपमंडल के पिरथीपुर निचला और चलेट अप्पर गांवों में गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के जरिए ग्रामीणों को जागरूक करते हुए दी। कलाकारों ने बताया कि शिक्षा ऋण योजना आर्थिक रूप से एससी व एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने में मदद करती है। उन्होंने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के साथ-साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। इसके अलावा कलाकारों ने विशेष रूप से नशा निवारण पर बल देते हुए नशे को समाज की गंभीर बुराई बताया और लोगों से नशे से दूर रहने व समाज को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

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सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार को छेड़ा है विशेष अभियान
उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम चला रही है। इन्हें गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक दलों के माध्यम से विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया है ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित बनाया जा सके।

जागरूकता कार्यक्रमों का शेड्यूल
इसी कड़ी में 17 को चौकी और धवाली तथा 18 सितंबर को बंगाणा के त्यार और बौल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं, दूसरे चरण में पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा द्वारा 6 से 10 अक्तूबर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें 6 अक्तूबर को बंगाणा के बल्ह-खोली और परोइयां कलां, 7 को हरोली के खड्ड खास और भदसाली थोलियां, 8 को सलोह अप्पर और दुलैहड अप्परला, 9 को ऊना के धमांदरी और कुरियाला तथा 10 अक्तूबर को बहडाला और सासन में गीत संगीत व नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को मनोरंजन के साथ जनहित में संचालित योजनाओं बारे जानकारी दी जाएगी।  
इस मौके पर पिरथीपुर निचला के प्रधान विजय कुमार, वार्ड सदस्य कुलदीप सिंह, पंचायत सचिव बलजीत सिंह, चलेट अप्पर के प्रधान प्रोमिला देवी सचिव सुनीता देवी सहित अन्य मौजूद रहे।

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