शिलाई में 300 से अधिक पेड़ों के अवैध कटान पर बिंदल का सरकार पर हमला
सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ों के अवैध कटान के मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।
नाहन
अवैध कटान के मामले पर सरकार को घेरा
सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में सैकड़ों चीड़ के पेड़ों के अवैध कटान के मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिन-दहाड़े बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के बावजूद प्रशासन की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं की गई, जिससे साफ संकेत मिलता है कि कहीं न कहीं दोषियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो
डॉ. बिंदल ने कहा कि पांच तारीख को दोपहर के समय आरा मशीन लगाकर चीड़ के पेड़ों का कटान किया गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए। इसके बावजूद उसी दिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगले दिन कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आकर यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने पेड़ काटे हैं और उनके पास 25 पेड़ों की अनुमति होने की बात कही, जबकि बाकी के लिए अनुमति प्रक्रिया में होने का दावा किया गया।
एफआईआर में 307 पेड़ों के कटान की बात
उन्होंने कहा कि भाजपा ने तुरंत इस मामले को उठाया और सवाल किया कि आखिर दिन-दहाड़े इस प्रकार का अवैध कटान बिना प्रशासनिक संरक्षण के कैसे संभव है। इसके बाद छह तारीख की देर रात एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें करीब 307 पेड़ों के कटान की बात कही गई। साथ ही यह भी बताया गया कि अंधेरा होने के कारण पूरी गणना नहीं हो पाई। बिंदल ने कहा कि हैरानी की बात है कि इतने दिनों बाद भी पेड़ों की संख्या उसी आंकड़े पर अटकी हुई है।
भाजपा से जोड़ने के प्रयास पर प्रतिक्रिया
डॉ. बिंदल ने कहा कि संबंधित मंत्री द्वारा इस मामले को भाजपा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में भाजपा का कोई कार्यकर्ता इसमें शामिल है तो सरकार तुरंत उसे गिरफ्तार करे और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करे। लेकिन जो लोग खुलेआम मीडिया में आकर पेड़ काटने की बात स्वीकार कर रहे हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
अनुमति प्रक्रिया पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि जिन 25 पेड़ों की अनुमति की बात कही जा रही है, वह अनुमति भी 25 फरवरी को समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर कटान किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आम लोगों को दो-तीन पेड़ों की अनुमति लेने में महीनों लग जाते हैं, ऐसे में 25 पेड़ों की अनुमति किस आधार पर दी गई और इसमें किन अधिकारियों की भूमिका रही, इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कार्यालयों के पास हुआ कटान
बिंदल ने कहा कि जिस स्थान पर यह कटान हुआ, वह एसडीएम कार्यालय, पुलिस थाना और फॉरेस्ट रेंज कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद किसी अधिकारी को इसकी भनक तक नहीं लगना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भाजपा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने यह मुद्दा उठाया, तब जाकर आनन-फानन में दो छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर मामले को दबाने की कोशिश की गई।
निष्पक्ष जांच की मांग
उन्होंने कहा कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को निलंबित कर देना पर्याप्त नहीं है। इस पूरे मामले में जिन अधिकारियों ने अनुमति दी और जिन्होंने समय रहते कार्रवाई नहीं की, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की तो भाजपा प्रदेशभर में आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में वन माफिया सक्रिय हो चुका है और उसे कहीं न कहीं सत्ता का संरक्षण मिल रहा है।
केंद्र और प्रदेश सरकार पर टिप्पणी
डॉ. बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार पर झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को लगभग 89 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी है, जबकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 10 वर्षों में करीब 18 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मिला था।
कर्मचारियों के बकाया भुगतान का मुद्दा
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से मिलने वाले धन का सही उपयोग नहीं हो रहा और प्रदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारी व अधिकारी अपने बकाया भुगतान के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
सिरमौर के साथ सौतेले व्यवहार का आरोप
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश सरकार सिरमौर जिले के साथ भी सौतेला व्यवहार कर रही है। भाजपा सिरमौर और प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी और यदि सरकार ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो पार्टी जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।