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सड़क दुर्घटना के मामले में दोषी को एक वर्ष की सजा

Shailesh Saini 31 Jan 2025 Edited 31 Jan 1 min read

अदालत ने अलग-अलग धाराओं में अर्थ दड भी लगाया

हिमाचल नाऊ न्यूज़ राजगढ़

सड़क दुर्घटना के एक मामले में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी राजगढ़ ऋतु सिन्हा की अदालत ने आरोपी कार चालक प्रदीप कुमार पुत्र गुरमुख निवासी गांव काहन, तहसील पच्छाद, जिला सिरमौर को आई.पी.सी. की धारा 279, 337, 304ए और 201 के तहत दोषी करार दिया है।

अदालत ने दोषी को कुल एक वर्ष की सजा सुनाई है। सहायक जिला न्यायवादी राजगढ़ अमरीक सिंह नेगी ने बताया कि मामला 6 नवंबर 2015 का है। मोटरसाईकिल चालक हितेश पुंडीर व उसके पीछे बैठे मदन सिंह नाहन से सराहां आ रहे थे।

इसी बीच समय करीब 1:00 बजे दिन काहन गांव से आगे मोड़ के पास पहुंचे तो सराहां की ओर से दोषी प्रदीप कुमार ने अपनी बोलेरो गाड़ी को तेज रफतारी से चलाते हुए मोड़ काटा और गाड़ी अनियंत्रित होकर विपरीत दिशा में जाकर नाहन की ओर से आ रहे उपरोक्त मोटर साईकिल को टक्कर मार दी।

इससे मोटर साईकिल चालक व पीछे बैठा मदन सिंह सड़क में गिर गए। इस हादसे में मदन सिंह की मृत्यु हो गई, लेकिन अपनी गलती व साक्ष्य को छुपाने के आश्य से दोषी प्रदीप कुमार ने झूठी कहानी बनाकर स्वयं को जुर्म से बचाने के लिए पच्छाद पुलिस थाना में झूठी एफआईआर दर्ज करवाई।

मुकदमे की तफ्तीश ए.एस.आई. सोहन लाल ने अमल में लाई। इस पर दोषी के खिलाफ आईपीसी की धारा 201 को भी शामिल किया गया।

सहायक जिला न्यायवादी ने बताया कि इस मामले में जुर्म सिद्ध होने पर अदालत ने दोषी प्रदीप कुमार को आईपीसी की धारा 279 के तहत तीन माह की सजा व 500 रुपए जुर्माना, धारा 337 में तीन माह की सजा व 500 रुपए जुर्माना, धारा 304ए में एक वर्ष की सजा व 500 रुपए जुर्माना और धारा 201 में 2000 रुपए जुर्मानें की सजा सुनाई गई।