सरकारी कुर्सी पर रहते ‘ब्रांड प्रमोशन’? HAS ओशिन शर्मा का वीडियो बना विवाद का कारण

By Shailesh Saini Published: 27 Feb 2026, 3:10 PM | Updated: 27 Feb 2026, 3:10 PM 1 min read

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, फेसबुक से हटाया गया वीडियो

शिमला

शिमला की एसडीएम और हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) अधिकारी ओशिन शर्मा एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला किसी प्रशासनिक फैसले का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो का है, जिसने सरकारी पद पर रहते ब्रांड प्रमोशन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एसडीएम ओशिन शर्मा एक निजी कंपनी का पार्सल खोलते हुए उसके उत्पाद कैमरे के सामने दिखाती नजर आती हैं। वीडियो के कैप्शन में उल्लेख किया गया था कि उन्हें कंपनी का “पहला पार्सल” प्राप्त हुआ है।

प्रस्तुति का अंदाज बिल्कुल किसी प्रमोशनल या विज्ञापन वीडियो जैसा दिखाई देता है, जिससे विवाद और गहरा गया।वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या सरकारी पद पर रहते किसी निजी कंपनी के उत्पाद का इस तरह प्रदर्शन करना सेवा नियमों के अनुरूप है?

वहीं कुछ लोगों ने इसे व्यक्तिगत सोशल मीडिया गतिविधि बताते हुए समर्थन भी किया।विवाद बढ़ने के बीच संबंधित वीडियो को उनके फेसबुक अकाउंट से हटा दिया गया।

हालांकि इस संबंध में अभी तक आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।प्रशासनिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज है। जानकारों का मानना है कि सरकारी अधिकारियों के लिए आचार संहिता और सेवा नियम स्पष्ट हैं, ऐसे में किसी भी प्रकार की ब्रांड संबद्ध गतिविधि संवेदनशील मानी जाती है।

फिलहाल मामला सोशल मीडिया की बहस से आगे बढ़कर प्रशासनिक नैतिकता और सेवा नियमों के दायरे तक पहुंचता नजर आ रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या इस प्रकरण पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच सामने आती है।

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