जनवादी महिला समिति ने नाहन में सरकारी बसों के ओवरलोडिंग चालान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। समिति ने कहा कि जब तक सभी रूटों पर पर्याप्त बसें नहीं चलाई जातीं, तब तक जनता को यूं परेशान करना अन्यायपूर्ण है।
नाहन
समिति का आरोप : नियमित रूट बंद कर स्थिति बिगाड़ रही सरकार
जिला मुख्यालय नाहन में ओवरलोडिंग को लेकर सरकारी बसों के चालान पर जनवादी महिला समिति ने तीखा विरोध जताया है। समिति की पूर्व राज्य अध्यक्ष संतोष कपूर, जिला सचिव अमिता चौहान, जिला कोषाध्यक्ष आशा शर्मा और उपाध्यक्ष सेवती कमल ने संयुक्त बयान जारी कर सरकार से मांग की है कि बसों की कमी को पहले दूर किया जाए, उसके बाद ही किसी तरह की कार्रवाई की जाए।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
बस नहीं तो कहां जाएं सवारियां?
महिला नेताओं ने कहा कि स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और बाजार जाने वाले लोग पहले ही कम बसों के कारण परेशान हैं। यदि चालक खचाखच भरी बसों में सवारियों को नहीं बैठाएंगे तो आमजन कैसे अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे? ऐसे में चालान काटने का क्या औचित्य है?
तीन प्रमुख रूटों पर बढ़ाई जाए सेवा
नेताओं ने विशेष रूप से तीन रूटों – रामाधौन रोड, कोलावाला भूड़ रोड और बाईला-पंजाहल रोड – पर अतिरिक्त बसें चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन रूटों पर सवारियों का दबाव अधिक है और बसों की संख्या बहुत कम है।
पहले सुविधाएं, फिर नियम लागू करें: महिला समिति
समिति ने कहा कि जनता यातायात नियमों का सम्मान करती है, लेकिन सरकार को पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों के पास यात्रा के लिए पर्याप्त साधन हों। ऐसे में बिना अतिरिक्त सुविधा दिए केवल चालान करना अनुचित है।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





