सर्पदंश पर बच्चों ने दी जागरूकता की सीख, स्किट के जरिए बताया क्या करें और क्या न करें
सेंट रुद्राक्ष कॉन्वेंट स्कूल खब्बल-कथोली में अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस पर कार्यक्रम, झाड़-फूंक से बचने और तुरंत चिकित्सा सहायता लेने का दिया संदेश
हिमाचल नाऊ न्यूज कांगड़ा
ज्वाली। कांगड़ा जिला के ज्वाली उपमंडल के अंतर्गत सेंट रुद्राक्ष कॉन्वेंट स्कूल खब्बल-कथोली, नगरोटा सूरियां में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक सावधानियों तथा समय पर उपचार के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमन दुआ के दिशा-निर्देशों के तहत किया गया।कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों ने सर्पदंश की स्थिति में क्या करें और क्या न करें विषय पर प्रभावशाली जागरूकता स्किट प्रस्तुत की।
विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि सर्पदंश की घटना होने पर घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखते हुए जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना चाहिए। उन्होंने झाड़-फूंक, अंधविश्वास और गलत उपचार में समय गंवाने से बचने का संदेश भी दिया।
विद्यार्थियों ने सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक सावधानियों और सुरक्षा उपायों से संबंधित विभिन्न जागरूकता गतिविधियां भी प्रस्तुत कीं। इन गतिविधियों के माध्यम से सर्पदंश को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने तथा वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद, स्वास्थ्य कार्यकर्ता सपन कुमार और सोनिया देवी ने भाग लिया। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सर्पदंश के मामले में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और पीड़ित को बिना देरी किए उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना जरूरी है।स्कूल की प्रधानाचार्या मोनिका राणा ने भी विद्यार्थियों को सर्पदंश से बचाव और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण संदेश बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारों और समाज तक भी आसानी से पहुंचता है।इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन निदेशक स्वर्ण सिंह राजपूत सहित स्कूल के सभी अध्यापक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सक्रिय सहभागिता और उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया तथा उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, झाड़-फूंक और गलत उपचार में समय न गंवाएं तथा पीड़ित को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करवाएं।