धर्मशाला, 24 फरवरी: कृषि कार्यों से जुड़े रोजगार स्थापित करने के इच्छुक व्यक्तियों और समूहों के लिए भारत सरकार ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत सस्ती ब्याज दरों पर लोन उपलब्ध करवाने की योजना शुरू की है। उप कृषि निदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक कुल 50 करोड़ रुपये के लोन देने का प्रावधान है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- लोन सीमा: अधिकतम ₹2 करोड़ तक का लोन।
- ब्याज दर: 7% से 9% तक।
- ब्याज में छूट: अगर लोन 7 वर्षों के भीतर चुकाया जाता है तो 3% ब्याज छूट का प्रावधान।
- लोन की अवधि: अधिकतम 7 वर्ष।
किन परियोजनाओं के लिए मिल सकता है लोन?
- गोदाम (Warehouse)
- कोल्ड स्टोरेज (Cold Storage)
- ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म
- पैक हाउस, छंटाई और ग्रेडिंग इकाइयां
- लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और शीत वाहन (Cold Chain Vehicles)
- प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र
- फल पकाने वाले कक्ष (Ripening Chambers)
- जैविक आदान इकाइयां और केंचुआ खाद इकाइयां
- रेशम कीट और शहद प्रसंस्करण इकाइयां
- हाइड्रोपोनिक्स और पोलीहाउस
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
- बेरोजगार युवा
- किसान समूह और एफ.पी.ओ. (FPO)
- स्वयं सहायता समूह (SHG)
- प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां
- एग्री स्टार्टअप्स और एग्री उद्यमी
कैसे करें आवेदन?
- नजदीकी बैंक शाखा (विशेषकर पंजाब नेशनल बैंक) में संपर्क करें।
- 17 फरवरी से 1 मार्च तक PNB द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत घर-द्वार पर भी जानकारी दी जा रही है।
- अधिक जानकारी के लिए नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या कृषि अधिकारी से संपर्क करें।
डॉ. कुलदीप धीमान ने बेरोजगार युवाओं से आग्रह किया है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने कृषि आधारित स्टार्टअप या उद्यम स्थापित करें और आत्मनिर्भर बने।
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